विपक्ष के लिए आत्ममंथन का समय

ललित गर्ग। भारतीय लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी अनिवार्य भूमिकाएं हैं। जहां सत्ता…

कृषि भूमि को सुरक्षित रखे जाने की जरूरत

कृषि भूमि को सुरक्षित रखना वर्तमान समय की सबसे प्रमुख जरूरतों में से एक है। यह…

सोमनाथ और भारत की अजेय भावना!

-नरेंद्र मोदी- जय सोमनाथ ! वर्ष 2026 की शुरुआत में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सम्मिलित…

स्मार्ट, संवहनीय, बेजोड़: टेक्निकल टेक्सटाइल इस तरह बुन रहे हैं फुटवियर में भारत का भविष्य

– गिरिराज सिंह- आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ उत्पादन में आत्मनिर्भरता ही नहीं, बल्कि वैश्विक मूल्य…

ट्रैक से संसद तक: क्यों भारत के भविष्य का नेतृत्व महिलाओं को करना चाहिए

–डॉ. पी टी ऊषा– मैंने अपना पूरा जीवन भागदौड़ में ही बिताया है, पहले केरल की…

आखिरकार सुनी गई आधी आबादी की आवाज़

– आर. विमला, आईएएस- भारत की महिलाएँ सदैव महान कार्यों में सक्षम रही हैं। वैदिक काल…

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की सीमाएं और सवाल

(जब जांच एजेंसी बन जाए राजनीति का केंद्र बिंदु) -डॉ. प्रियंका सौरभ– भारत के संघीय ढांचे…

नई पीढ़ी को खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत

खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पीढ़ी को खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत…

रासायनिक कृषि का आशाजनक विकल्प बनकर उभरी प्राकृतिक खेती  

प्राकृतिक कृषि रासायनिक कृषि का एक आशाजनक विकल्प बनकर उभरी है। हरित क्रांति के माध्यम से…

संसदीय परंपराओं की अनदेखी

सतीश महाना। भारतीय लोकतंत्र की असल शक्ति एवं खूबसूरती चुनावों के अतिरिक्त उन संस्थाओं की गरिमा…