देहरादून। उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्द्ध सैनिक संयुक्त संगठन ने अपना 28वां स्थापना दिवस मनाया। मुख्य अतिथि भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व समादेशक ले. जनरल (सेनि) गंभीर सिंह नेगी ने बढ़ते पलायन पर चिंता जताई। कहा कि पूर्व सैनिकों को पलायन रोकने में अहम भूमिका निभानी होगी। सीमांत क्षेत्रों में सजग प्रहरी की भूमिका का निवर्हन भी पूर्व सैनिकों को करना होगा। समारोह में संगठन की पत्रिका सैनिक दर्पण का विमोचन भी किया गया। साथ ही कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोहा।
सोमवार को जोगीवाला स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में संगठन ने स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया। मुख्य अतिथि ले. जनरल (सेनि) गंभीर सिंह नेगी व दून डिफेंस एकेडमी के निदेशक संदीप गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने संगठन से जुड़े पूर्व सैनिकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। जनरल नेगी ने बढ़ते पलायन पर चिंता जताई। कहा कि पूर्व सैनिकों को पलायन रोकने में अहह भूमिका निभानी होगी। सीमांत क्षेत्रों में सजग प्रहरी की भूमिका का निवर्हन भी पूर्व सैनिकों को करना होगा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रेरित करने की बात भी उन्होंने कही। स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रिगेडियर (सेनि) विनोद पसबोला ने कहा कि राज्य बचाने को पूर्व सैनिकों को आगे आना होगा। संगठन के संरक्षक पूर्व आईएएस अधिकारी एसएस पांगती ने कहा कि उत्तराखंड को विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन महासचिव पीसी थपलियाल ने किया।
