देहरादून। सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान देहरादून में ऊर्जा भविष्य निर्माण-चुनौतियां एवं अवसर ‘सेफ्को-2021’ विषय पर 5वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में चर्चा का मुख्य विषय था ‘शून्य उत्सर्जन-विकल्प‘ था। यह संगोष्ठी ऊर्जा तथा इससे सम्बद्ध विशेष क्षेत्रों के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, उद्योग एवं शिक्षा जगत के तकनीक-विदों तथा युवा शोधार्थियों को विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच प्रदान करती है। वैज्ञानिक सत्रों में मुख्य रूप से आमंत्रित विशेषज्ञों के व्याख्यान, मौखिक चर्चा तथा 26 डिजिटल पोस्टर का प्रस्तुतिकरण हुआ। 15 विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान तथा उनके द्वारा श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर से यह सत्र संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण रहा। आभासी वार्ता में मुख्य अतिथि वर्तिका शुक्ला निदेशक, इंजीनियर इंडिया लिमिटेड तथा विशिष्ट अतिथि डॉ पुरंदर चक्रवर्ती (प्रमुख अन्वेषण तथा वैकल्पिक ऊर्जा ने अपने रोचक और ज्ञानपरक व्याख्यान से न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपितु विश्व स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के नवीन स्रोतों संबंधी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से प्रतिभागियों को रूबरू करवाया अपितु ऊर्जा, ईंधन तथा कार्बन से संबद्ध विषय क्षेत्रों में अनुसंधान के अवसरों की जानकारी भी दी ।
विभिन्न आभासी माध्यमों जैसे कि एम एस टीम, सीएसआईआर-आईआईपी के यू-ट्यूब लाइव तथा फेसबुक लाइव पेज के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से 400 से भी अधिक प्रतिनिधियों ने इस आभासी संगोष्ठी में भाग लिया।इस संगोष्ठी के प्रारंभ में नेहा नंदल, संयोजक सेफ्को-2021 ने संगोष्ठी के बारे में विस्तृत जानकारी दी । तदपुरांत सीएसआईआर-आईआईपी के निदेशक डॉ अंजन रे ने इस आभासी संगोष्ठी में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया । उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आज संगोष्ठी का यह दिन वास्तव में एक विशेष दिन है, क्योंकि 3 वर्ष पहले आज ही के दिन सीएसआईआर-आईआईपी की बायोजेट फ्यूल प्रचालित प्रथम उड़ान सम्पन्न हुई थी । सीएसआईआर के महानिदेशक, डॉ शेखर चि. मांडे ने मानव जीवन में ऊर्जा के महत्व को बताते हुए कहा कि कार्बन उर्त्सजन तथा इससे जुड़ी समस्याएं आज मुख्य वैश्विक समस्याए हैं और इनमें से अधिकांश हमारे ऊर्जा स्रोतों से संबद्ध है। उन्होंने युवा शोधार्थियो को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में बहुत चुनौतियां है परंतु यही हमारे लिए कार्य का अवसर भी हैं तथा इन्हीं चुनौतियों का समाधान खोज कर हम मानव जाति के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं। उन्होंने सीएसआईआर-आईआईपी के शोधछात्रों को राष्ट्रीय संगोष्ठी के क्रमिक 5वें वार्षिक आयोजन के लिए बहुत बधाई दी। वर्तिका शुक्ला ने शून्य उत्सर्जन ऊर्जा विकल्प विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने तेल तथा गैस उद्योग के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर चर्चा की. इसके अतिरिक्त उन्होंने निवल शून्य के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक निवल शून्य उत्सर्जन तथा इससे संबद्ध रणनीतियों जैसे कि उपभोक्ता व्यवहार, विद्युत परिवहन, हरित हाइड्रोजन तथा बायोमास/अवशिष्ट मूल्यवर्धन आदि पर भी अपने विचार व्यक्त किए । शून्य उर्त्सजन ऊर्जा लक्ष्य पर और अधिक प्रकाश डालते हुए विशिष्ट अतिथि डॉ पुरंदर चक्रवर्ती ने हमें एक संपोषित भविष्य देने में सक्षम नवीकरणीय ऊर्जा, वैकल्पिक ईंधन के रूप में हाइड्रोजन और अमोनिया, गैस किण्वन तथा इथेनॉल, विद्युत वाहन एवं ग्रीन डीज़ल जैसे विभिन्न ऊर्जा विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने अपने व्याख्यान के अंत में इस बात पर बल दिया कि प्रौद्योगिकी निर्माण तथा इसका आवश्यक्ता अनुसार विकास बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा सेफ्को-2021 की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। स्वाति सैनी, सह-संयोजक ने अतिथियों तथा आयोजन के सभी सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
