देहरादून। सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून ने राष्ट्रीय बौद्धिक सम्पदा दिवस (आरबीएसएम 2026) मनाया। यह महोत्सव 2023 से मनाया जाता है और “आजादी का अमृत महोत्सव” का एक हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश बौद्धिक सम्पदा और आईपी जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस महोत्सव मे आईआईपी के शोध छात्रों और कर्मचारियों ने भारी संख्या मे भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद सीएसआईआर-आईआईपी (आईपीएम ग्रुप ) के प्रभारी डॉ. डीवी नाइक तथा पीपीसी के अध्यक्ष डॉ. मैती ने अपने शुरुआती वक्तव्य दिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शिखा तेजस्वी, पेटेंट अटॉर्नी ने अपने वक्तव्य मे “भारतीय पेटेंट आवेदन दाखिल करने के दौरान मसौदा तैयार करने और दावों का महत्व” उजागर किया और डॉ कपिल आर्य सीएसआईआर-इनोवेशन प्रोटेक्शन यूनिट, नई दिल्ली ने फ्यूलिंग इनोवेशनरू द रोल ऑफ इंटेलेक्चुअल” पे अपने विचार सांझा किए। इसके बाद 6 मई 2026 को आयोजित आईपी प्रतियोगिता के विजेताओंकों स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति पोरवाल ने किया तथा हेमंत कुलकर्णी, मुख्य वैज्ञानिक ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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