रुद्रप्रयाग। प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू न होने से यात्रा से जुड़े हजारों लोगों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया। चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव केदारनाथ धाम की यात्रा से जुड़े लोगों की बात करें तो स्थानीय व्यवसायी, होटल लॉज संचालक, घोड़ा खच्चर डंडी कंडी संचालकों को परिवार का लालन पालन करना मुश्किल हो गया है। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष चारों धामों की यात्रा शुरू नहीं हो पाई है जबकि पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के बीच 1 जुलाई से यात्रा शुरू कर दी गयी थी। केदारघाटी के हजारों लोग यात्रा पर ही निर्भर हैं,जिसमें होटल, लॉज, घोड़ा, खच्चर, डंडी, कंडी, मजदूर से लेकर ढाबा संचालक भी शामिल हैं।
यात्रा शुरू न होने से इन लोगों के सामने परिवार चलाने की विकट समस्या खड़ी हो गयी। इनमें से सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिन्होंने बैंक से लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया था लेकिन अब उन्हें बैंक की किश्त तक देना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अगर यात्रा शुरू नहीं होती है तो लोगों के सामने गम्भीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस सम्बंध में सुभाष रावत अध्यक्ष प्रधान संगठन ने कहा कि केदारघाटी का एकमात्र रोजगार का जरिया यात्रा है। जिस पर रोक के कारण हजारों लोग बेरोजगार हैं। लोगों के सामने परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया।
