कोविड 19- बॉलीवुड स्टार्स प्रोमोटर राजेंद्र सिंह ने भारत को वैद्यकीय सहाय्यता देने का काम जारी रखा

बॉलीवुड के ‘स्टार्स प्रोमोटर’ नाम से सुप्रसिद्ध राजेंद्र सिंह बॉलीवुड के एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्त्व है | पिछले २० सालों में  उन्होंने अमेरिका में १२५ से भी ज्यादा कॉन्सर्ट आयोजित करके और वैश्विक स्तर पर १२ कॉन्सर्ट  आयोजित करके भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया है | उन्होंने जिनके साथ आज तक काम किया है उनमें  से कुछ गिने-चुने नाम है- अमिताभ बच्चन, शाह रुख खान, अनुपम खेर, दीपिका पादुकोन, कटरीना कैफ, ऐश्वर्या राय, प्रीति ज़िंटा, अनिल कपूर, आमिर खान, सलमान खान, रेखा, कपिल शर्मा और अन्य कई| 

स्टार प्रोमोशन्स इंकॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अब भारत को वैद्यकीय सहाय्यता देने के महान कार्य में जुटे हुए है | भारत जब कोरोना वायरस की दूसरी लहर में गोते खा रहा था तब भारतीय-अमेरिकी व्यावसायिक राजेंद्र सिंह इस जानलेवा बीमारी से सामना करने वाले भारतीयों को मदद कर रहे थे | राजेंद्र जी ने भारत में २०० से भी ज्यादा ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर्स, ५० ऑक्सीजन सिलिंडर्स और कई सारे ऑक्सीमीटर्स लगातार भेजे है | 

१. हमें आपके बॉलीवुड स्टार्स प्रोमोटर होने के अतुलनीय अनुभव के बारे में बताइए | 

उत्तर-  मै  एक स्वाभिमानी भारतीय होने के नाते जो भी काम करता हूँ  उसमें  से यह मेरा सबसे पसंदीदा काम है | मेरे बॉलीवुड स्टार्स प्रोमोटर की हैसियत से मुझे भारतीय संस्कृति और भारतीय धरोहर को पुरे विश्व में बढ़ावा देने का मौका मिलता है | मैंने अमेरिका में बॉलीवुड के ९५ बड़े समारोह आयोजित किए है | अमेरिका में समारोह आयोजित करने के  मेरे इस अतुलनीय सफर की शुरवात १९९६ में हुई और तब मेरे साथ सुपरस्टार धर्मेंद्र, सोनू निगम और ममता कुलकर्णी जुड़े थे | मेरा यह सफर बहुतही कमल का रहा है क्यूंकि मुझे अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, शाहरुख़ खान, आमिर खान जैसी बड़ी हस्तियों के साथ काम करने का मौका मिला | 

२. कुछ सबसे यादगार किस्से ?

अमिताभ सर के साथ काम करना मेरे लिए बहुतही प्रेरणादायी रहा है | मुझे याद है एक बार ह्यूस्टन, टेक्सास में अमिताभ जी का एक शो लगा था और जाहिर है की वह एक हाउसफुल शो था | हालांकि स्टार्स आयोजक से  उनके दोस्तों के लिए टिकट की अपेक्षा करते है, अमिताभ जी इतने बड़े होकर भी विनम्र होने के कारन उन्होंने अपने दोस्तों के लिए १०० से भी ज्यादा टिकट अपनी जेब से पैसे देकर ख़रीदे | वह सच में खुद एक प्रेरणा है | 

३ .   आपने अपने कार्य से कईयों को प्रेरित किया है और यह साबित किया है की मदद कही भी पहुंचाई जा सकती है, चाहे आप कही के भी रहनेवाले हो | इस बारे में थोड़ा और बताइये | यह सब शुरू कैसे हुआ? 

 उत्तर. कोरोना की दूसरी लहर का समय हम सभी के लिए बहुत खौफनाक था  | मेरे फ़ोन में रिश्तेदारों और दोस्तों के मेसेजेस का बाड़ आया था और सभी को किसी तरह की मदद की जरुरत थी | उसी वक्त मैंने जब अन्य अमेरिकन नागरिकों को बिना मास्क के घूमते हुए देखा, रेस्टोरेंट्स में खान-पान करते हुए देखा तब मुझे महसूस हुआ की मै वहाँ रहकर अपने देश से प्रतारणा कर रहा हूँ | मुझे हतबल  महसूस हुआ और ऐसा लगा की कुछ तो करने की जरुरत है | मुझे भारत के सभी राज्यों से सहाय्यता के लिए फोन्स आ रहे थे | लेकिन फिर इस सहाय्यता कार्य को गति मिली और पूरी प्रक्रिया का उचित नियोजन हुआ और यह सब इसलिए हुआ क्यूंकि जरुरत उतनी बड़ी थी | 

४ .   आपने पुरे भारत में मदद भेजना कैसे मुकम्मल किया ? 

उत्तर.  मेरा दैनंदिन जीवन पूरी तरह से बिगड़ चूका था  | मै रात को सो नहीं पाता  था और सुबह उठते ही अख़बार में यह देखता था की इस वक्त भारत में क्या हो रहा है, मदद की याचना के ट्वीट्स भेजता था और मेरे दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ विडिओ कॉन्फ़रन्सिंग करता था | 

मुझे जब भी किसी परेशानी से घिरे व्यक्ति से फोन आता है मै उससे यही कहता हूँ  की ‘चिंता मत करो, सब ठीक होगा |’ इससे आधी लड़ाई जीती जाती है | 

मैंने राज्य और केंद्र दोनों के आरोग्य मंत्रालय से जुड़े मेरे परिचितों से संपर्क करना शुरू किया, इंडियन मेडिकल असोसिएशन, स्थानिक दूतावास, डॉक्टर्स, सरकारी अधिकारी, राजनीतिज्ञ तथा सेलिब्रिटीज, सभी से बात करके मैंने मरीजों को जल्द से जल्द सहाय्यता दिलाने की कोशिश की | 

मै बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद जी का विशेष आभारी हूँ  क्यूंकि उन्होंने मुझे कम  से कम  समय में कई ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर्स पाने में मदद की, जिनकी हमें कड़ी जरुरत थी | 

कभी कभी हॉस्पिटल के एक  बेड  के लिए ५० कॉल करने पड़ते थे | हर बार जब एक भी जीवन बचता, उससे मुझे और सहाय्य करने के लिए नयी ऊर्जा मिलती | मै  राजस्थान के आरोग्य मंत्री रघु शर्मा जी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल जी, मुंबई महानगरपालिका के कमिशनर आय इस चहल जी और अन्य कई जनों से नियमित तौर पर संपर्क में रहा हूँ | इन सभी ने मुझे जरूरतमंद लोगों को समय पे मदद पहुँचाने में सहाय्य किया है | 

५ .   ह्यूस्टन में क्या परिस्थिति है?

ह्यूस्टन में कई इंडो-अमेरिकन कुटुंब अपने कुटुंब के सदस्यों के दुखद निधन पर शोक व्यक्त कर रहे है और बीमार या तंदुरुस्त रिश्तेदारों के बारे में चिंता से भरे सवाल पूछ रहे है  | मैंने ह्यूस्टन में कोविड-१९ एक्सपर्ट्स के पैनल के साथ काम किया है और उनके द्वारा भारत में मरीजों को तथा व्यथित डॉक्टरों को मुफ़्त समुपदेशन भी दिया है | 

६. आज की परिस्थिति क्या है?

उत्तर. एक अच्छा संकेत यह है की पहले के जैसे परेशानी में डूबे, और भावविवशता से भरे कॉल्स आना अब कम हुआ है  |  अब जरूरतें  भी बदल गई है और अब ब्लॅक फंगस की दवा के लिए ज्यादा डिमांड आती है | 

७. वैक्सीनेशन / टीकाकरण के बारे में आपके क्या विचार है?

उत्तर. कोविड के विरुद्ध का युद्ध लम्बे समय का युद्ध है और टीकाकरण के बिना यह युद्ध जीता नहीं जा सकता | मै  आशा करता हूँ की लोग समझ जाए ऐसी हालात में टीका लेना कितना महत्वपूर्ण है | 

राजेंद्र जो राजस्थान, भारत में पले-बढ़े थे, अपने इवेंट मैनेजमेंट (समारोह आस्थापन) के करियर के लिए अमेरिका चले गए | धीरे धीरे उन्हें लोकप्रियता प्राप्त हुई और अब वे पुरे बॉलीवुड को साथ जोड़ने वाली कड़ी साबित हुए है | उन्होंने न केवल देश में बल्कि पुरे विश्व में बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को प्रसिद्ध करने में अहम् भूमिका निभाई है | उन्होंने भारत के निजी संस्कृति और धरोहर को पुरे विश्व में नामचीन किया है |