ब्लू डार्ट ड्रोन के जरिए वैक्सीन और आपातकालीन चिकित्सीय सामग्रियों की डिलीवरी करेगा

देहरादून। भारत की अग्रणी एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता कंपनी ब्लू डार्ट ने ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस कंसोर्शियम का गठन किया है, जिसका लक्ष्य भारत के सुदूर इलाकों में ड्रोन के जरिए वैक्सीन और आपातकालीन चिकित्सीय सामग्रियों की डिलीवरी का स्वरुप बदलना है। ब्लू डार्ट, डॉयचे पोस्ट डीएचएल ग्रूप (डीपीडीएचएल) का हिस्सा है। ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस कंसोर्शियम तेलंगाना सरकार, विश्व आर्थिक मंच, नीति आयोग और हेल्थनेट ग्लोबल के सहयोग से संचालित  ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना का हिस्सा है।
नागर विमानन मंत्रालय (डवब्।) ने इस परियोजना को जरूरी छूट और प्रायोगिक स्तर पर तेलंगाना में ड्रोन के संचालन की अनुमित दी है। इसका मकसद वितरण केंद्र से निश्चित स्थानों तक स्वास्थ्य सेवाओं, मसलन दवा, कोविड-19 टीका, ब्लड, जांच उपकरण और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की सुरक्षित, सटीक और भरोसेमंद पिक अप और डिलीवरी के लिए वैकल्पिक लॉजिस्टिक मार्ग का आकलन करना है। ब्लू डार्ट आपूर्ति श्रृंखला के बुनियादी ढांचें में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और वह इस महामारी से सख्ती से निपटने की कोशिशों में लगा है। ब्लू डार्ट मेड-एक्सप्रेस की ड्रोन उड़ानें तेलंगाना के भीतर मौजूदा स्वास्थ्य सेवा लॉजिस्टिक्स को अनुकूलित करने के लिए एक इमर्सिव डिलीवरी मॉडल तैनात करेंगी। यह मॉडल जिला मेडिकल स्टोर और ब्लड बैंकों से पिकअप करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (च्भ्ब्े), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, रक्त संग्रहण इकाइयों को और इसके आगे च्भ्ब्े ध् ब्भ्ब्े से केंद्रीय नैदानिक प्रयोगशालाओं को आपूर्ति की प्रक्रिया को समक्ष बनाएगा।
इस महामारी से लड़ने में देश की मदद करने के मामले में गर्व की भावना से ओत-प्रोत बैलफोर मैनुएल, मैनेजिंग डायरेक्टर, ब्लू डार्ट  ने कहा कि, “एक साल से अधिक का समय हो चुका है और कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई  में कई नई चुनौतियाँ सामने आ रही है, जिसका हमें रियल टाइम में समाधान करने की जरूरत है। इस महामारी ने हम सभी को लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी आधारित आपूर्ति श्रृंखला की अहमियत का एहसास दिलाया है।