भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल कर रचा इतिहास

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जबर्दस्‍त जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। पार्टी ने विधानसभा की 294 सीटों में से 208 सीटों पर बढ़त बना ली है और इनमें से 170 सीटे जीतकर स्‍पष्‍ट बहुमत हासिल कर लिया है। इन चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्‍व में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। स्‍वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।

तृणमूल कांग्रेस 79 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और इनमें से 61 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई है। वाम दल को दो सीट मिली है। अन्‍य को चार सीटों पर जीत हासिल हुई है। मुख्‍यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से पीछे चल रही हैं। नंदीग्राम सीट से भी सुवेंदु अधिकारी आगे हैं। बेहरामपुर सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार अधीर रंजन चौधरी चुनाव हार गए हैं। उन्‍हें भाजपा की सुब्रता मैत्रा ने 17 हजार पांच सौ 48 मतों से हराया।

असम में सत्‍तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। विधानसभा की 126 सीटों में से भाजपा और उसके सहयोगी दल 102 सीटे जीत चुके हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस को 21 सीटों पर बढत मिली है और इनमें से वह 19 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को दो सीटें मिली हैं।

जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से मुख्‍यमंत्री हेमंता बिस्‍वा सरमा चुनाव जीत गए हैं। उन्‍होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की बिदिशा नियोग को 89 हजार 434 मतों के अंतर से हराया। भारतीय जनता पार्टी के हितेन्‍द्र नाथ गोस्‍वामी ने जोरहाट सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष गौरव गोगोई को हरा दिया है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय के नेतृत्‍व में तमिलगा वेत्री कड़गम- टी.वी.के. सबसे बडी पार्टी के रूप में उभरकर इतिहास रचने जा रही है। टी.वी.के. 107 सीटों पर आगे है और इनमें से वह 91 सीटे जीत चुकी है। मुख्‍यमंत्री एम.के. स्‍टालिन के नेतृत्‍व में सत्‍तारूढ़ डीएमके और उसके सहयोगी दल 74 सीटों पर आगे हैं और इनमें से वह 56 सीट जीत चुके हैं। एआईएडीएमके और उसके सहयोगी दल 53 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं और इनमें से वे 42 सीटे जीत चुके हैं। पी.एम.के 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस 5 सीटों पर आगे है और भारतीय जनता पार्टी एक सीट पर आगे चल रही है।

कोलाथूर सीट से मुख्‍यमंत्री और द्रविड मुनेत्र कड़गम के उम्‍मीदवार एम.के. स्‍टालिन को तामीलागा वेत्री कड़गम पार्टी के वी.एस. बाबू ने 8 हजार सात सौ 95 मतों के अंतर से हराया। अविनाशी विधानसभा सीट से तामीलागा वेत्री कड़गम पार्टी की उम्‍मीदवार कमाली एस. ने भारतीय जनता पार्टी के डॉ. एल मुरुगन को हरा दिया है।

केरल में सभी 140 सीटों के परिणाम घोषित हो गए हैं। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट – यूडीएफ ने 102 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जो सत्ता में उसकी निर्णायक वापसी का संकेत है। कांग्रेस ने 63 सीटें जीती हैं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-आईयूएमएल ने 22 सीटें जीत ली हैं। पूरे राज्य में गठबंधन की स्थिति मजबूत है।

सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्‍युनिष्‍ट पार्टी (सीपीआईएम) ने 26 सीटें जीती हैं, सहयोगी भारतीय कम्‍युनिष्‍ट पार्टी (सीपीआई) ने 8 सीटें जीती हैं, जबकि केरल कांग्रेस को 7 सीटें मिली हैं। भारतीय जनता पार्टी को राज्‍य में तीन सीटें मिली हैं। चार सीटें निर्दली उम्‍मीदवारों ने जीती हैं।

पुडुचेरी में एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईएनआरसी) के तहत राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार फिर से बनने जा रही है। कुल 30 सीटों में से 29 सीटों के परिणाम आ चुके हैं। एन. रंगासामी की एआईएनआरसी और सहयोगी दलों को 17 सीटे मिली हैं। भाजपा ने चार सीटें जीती हैं। एआईएडीएमके को एक सीट मिली है। कांग्रेस को एक सीट मिली है। डीएमके को पांच सीटें मिली हैं।