देहरादून। उत्तराखंड में 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 8390 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 118 मरीजों की मौत हुई है। एक्टिव केस की संख्या भी 71 हजार से ज्यादा पहुंच गई है।
आज 4771 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। प्रदेश में अब तक 2 लाख 38 हजार 383 संक्रमित मरीज आ चुके हैं, जिसमें से 1 लाख 58 हजार 903 मरीज स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून जिले में सबसे अधिक 3430 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। हरिद्वार जिले में 812, नैनीताल में 636, ऊधमसिंह नगर में 1159, पौड़ी में 230, टिहरी में 424, रुद्रप्रयाग में 271, पिथौरागढ़ में 208, उत्तरकाशी में 266, अल्मोड़ा में 247, चमोली में 175, बागेश्वर में 237 और चंपावत में 322 संक्रमित मिले।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्लाज्मा दान की अपील की
-कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें
-चिकित्सकों के अनुसार, 18 से 60 आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता
देहरादून। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों का रक्त प्लाज्मा अन्य संक्रमित रोगियों के उपचार में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि यदि कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें, ताकि दूसरों की जान बचाई जा सके।
चिकित्सकों के अनुसार, रक्त प्लाज्मा का दान एक अत्यंत आसान प्रक्रिया है। 18 से 60 आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है और खास बात यह है कि प्लाज्मा दान करने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि जब भी प्लाज्मा दान करें, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पिछले 14 दिनों से आपमें किसी भी प्रकार के कोविड के लक्षण तो नहीं। प्लाज्मा दान करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें और जरूरी सावधानियां बरतें। मुख्यमंत्री श्री रावत ने अनुरोध किया है कि हिचकिचाएं नहीं, आगे आएं और रक्त प्लाज्मा का दान कर किसी कोरोना पीड़ित की जान बचाने में मदद कर अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।
