
देहरादून। प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन हो गया। वे 49 वर्ष के थे। उनके निधन से उत्तराखंड में शोक की लहर है।टिहरी जिले के चिलामू गांव निवासी जसपाल राणा भारत के पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे। 
महज 18 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर दुनिया को चैंकाने वाले जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा। 2006 दोहा एशियन गेम्स में उनके तीन स्वर्ण पदक और वर्ल्ड रिकॉर्ड को कोई नहीं भूल सकता। हाल ही में म्यूनिख में हुए आईएएसएफ वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनकी स्टेंट सर्जरी भी हुई थी। वे रिकवर हो रहे थे, लेकिन गुरुवार रात उनका निधन हो गया। खेल के साथ-साथ उन्होंने सियासत में भी कदम रखा था। उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर टिहरी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान वे कांग्रेस के स्टार प्रचारक बने। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत तमाम राजनेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
जसपाल राणा भारत के सबसे सफल और सम्मानित पिस्टल शूटर्स में गिने जाते थे। उन्होंने 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई और देश का गौरव बढ़ाया।उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में कई पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। उस समय शूटिंग खेल को भारत में आज जितनी लोकप्रियता नहीं मिली थी, लेकिन राणा ने अपने शानदार प्रदर्शन से इस खेल को नई पहचान दिलाई। उनकी उपलब्धियों ने देश के कई युवाओं को शूटिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगी शूटिंग से संन्यास लेने के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और जल्द ही भारतीय शूटिंग के सबसे प्रभावशाली कोचों में शामिल हो गए।साल 2012 में वे राष्ट्रीय कोचिंग प्रणाली से जुड़े और जूनियर पिस्टल कार्यक्रम की कमान संभाली। अगले कई वर्षों तक उन्होंने युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उनकी प्रतिभा निखारने का काम किया। उनके मार्गदर्शन में सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव जैसे कई प्रतिभाशाली निशानेबाज उभरकर सामने आए, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
जसपाल राणा के कोचिंग करियर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय स्टार शूटर मनु भाकर के साथ जुड़ा रहा। उन्होंने मनु के करियर के अहम दौर में उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया।राणा की देखरेख में मनु भाकर ने लगातार अपनी क्षमता को निखारा। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि में जसपाल राणा के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, श्री जसपाल राणा जी का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने समर्पण के साथ युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उत्कृष्टता, अनुशासन और खेलों के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और पूरे खेल समुदाय के साथ हैं। ॐ शांति।
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