-हरियाणा सरकार एवं केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर होगी नई नियमावली
-प्रशासनिक एवं मिनिस्ट्रियल संवर्ग के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े विभाग विद्यालयी शिक्षा में पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाई जायेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हरियाणा सरकार व केन्द्रीय विद्यालयों की स्थानांतरण नीति का गहन अघ्ययन करने का निर्देश दे दिये गये हैं। इसके उपरांत राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण की नई नीति बनाई जायेगी जो कि पूर्ण रूप से पारदर्शी व सबके लिए सुगम होगी। विभाग में लम्बे समय से रिक्त प्रशासनिक एवं मिनिस्ट्रियल संवर्ग में प्रोन्नति के पदों को एक माह के भीतर भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय नानूरखेड में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा एवं एससीईआरटी की समीक्षा बैठक ली। जिसमें विभागीय ढ़ांचा, विद्यालय भवनों, शिक्षकों, स्मार्ट क्लासेज, शौचालय, फर्नीचर एवं पुस्तकों की व्यवस्था सहित तमाम बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। डॉ0 रावत ने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के लिए पारदर्शी एवं सुलभ स्थानांतरण नीति बनाई जायेगी। जिसके लिए अधिकारियों को हरियाणा सरकार एवं केन्द्रीय विद्यालयों की शिक्षक स्थानांतरण नीति का विस्तृत अध्ययन कर नई नियमावली तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही विभाग में लम्बे समय से प्रशासनिक एवं मिनिस्ट्रियल संवर्ग में प्रोन्नति के रिक्त पदों को एक माह के भीतर भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये। बैठक में समग्र शिक्षा के अंतर्गत भारत सरकार से विभिन्न मदों में प्राप्त धनराशि के आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, अटल उत्कृर्ष विद्यालयों की विस्तृत समीक्षा के साथ ही नई शिक्षा नीति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को वर्ष 2022-23 में विद्यालयी शिक्षा के तहत 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत रखने लक्ष्य दिया। विभागीय समीक्षा के दौरान अपर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा डॉ0 मुकुल सती ने पावंर प्वाइंट के माध्यम से विभागीय प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
बैठक के प्रारम्भ में महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी द्वारा मंत्री जी का अभिवादन किया गया तथा उनकी अनुमति के साथ डॉ0 मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा विभागीय समीक्षा बैठक से सम्बन्धित बिन्दुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री जी द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, एस0सी0ई0आर0टी0, समग्र शिक्षा एवं मध्याह्न भोजन योजना की अलग-अलग समीक्षा की गयी तथा तद्नुसार दिशा-निर्देश दिये गये। बैठक के प्रारम्भ में महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी द्वारा मंत्री जी, विद्यालयी शिक्षा का अभिवादन किया गया तथा उनकी अनुमति के साथ डॉ0 मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा विभागीय समीक्षा बैठक से सम्बन्धित बिन्दुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री जी द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, एस0सी0ई0आर0टी0, समग्र शिक्षा एवं मध्याह्न भोजन योजना की अलग-अलग समीक्षा की गयी तथा तद्नुसार निम्नवत् दिशा-निर्देश दिये गये– प्रत्येक स्तर पर अध्यापकों की नियुक्ति एवं पदोन्नति से सम्बन्धित प्रकरणों के लिए स्पष्ट रोड मैप तैयार किया जाये तथा निर्धारित समयान्तर्गत कार्य पूरा भी किया जाये। इसी क्रम में उनके द्वारा प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति से सम्बन्धित कार्य को 15 मई, 2022 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गये। अधिकारियों के डी.पी.सी. के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये कि शासन को यथावश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराये जायं तथा शासन स्तर पर यथावश्यक समन्वयन भी किया जाय। मिनिस्ट्रियल स्टाफ के रिक्त पदों को पदोन्नति में भी तेजी लायी जाय तथा निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाय। सुविधा जनक स्थानों से पदोन्नति पर न जाने वाले कार्मिकों के द्वारा बार-बार पदोन्नति को स्थगित रखने पर उन्हें अगली पदोन्नति में सम्मिलित न किये जाने के लिए यदि नियमावली में परिवर्तन किये जाने की आवश्यकता हो तो विभागीय स्तर से तदनुसार प्रस्ताव तैयार किया जाने के निर्देश दिये गये।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक बंशीधर तिवाड़ी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर.के. कुंवर, निदेशक बेसिक शिक्षा वन्दना गर्ब्याल, एपीडी समग्र शिक्षा मुकुल सती, वित्त नियंत्रक गुलफाम अहमद, विभागीय उपनिदेशक, सहायक निदेशक, एवं विभिन्न पटल प्रभारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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