घनसाली थाना क्षेत्र के द्वारी गांव में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोग दहशत में, एक साल में दो दर्जन घरों के ताले टूट चुके

-घनसाली थाना पुलिस नहीं कर पाई एक भी घटना का खुलासा, ग्रामीणों में रोष

देहरादून/टिहरी। टिहरी जिले में घनसाली थाना क्षेत्र अंतर्गत द्वारी गांव में लगातार चोरी की घटनाएं घट रही हैं। एक साल के भीतर दो दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं गांव में घट चुकी हैं। कई घरों के तो दो से तीन बार ताले टूट चुके हैं। पुलिस शिकायत के बावजूद चोरों को नहीं पकड़ पा रही है, जिस कारण ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि घनसाली थाना पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं और चोर एक के बाद एक घटना को अंजाम दे रहे हैं। चोरी की बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है, लोग अपने को गांव में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
चोर लगातार लोगों के बंद घरों को निशाना बना रहे हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे घरों में भी चोरी की घटनाएं घटी हैं जहां कि लोग रह रहे हैं। चोर घरों के ताले तोड़कर कीमती सामान उठा ले जा रहे हैं और शेष सामान घर में बिखेर दे रहे हैं। चोरी करने से पहले वे घरों में खाना बनाकर भी खा रहे हैं। कुछ घरों में चोरों ने चोरी करने के साथ ही वहां गंदा भी किया है। घरों में लगातार ताले टूटने से लोग भयभीत और परेशान हैं। ग्रामीण अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।  ग्रामीणों का कहना है कि चोर घरों में अग्निकांड भी कर सकते हैं। इसके अलावा घर में रह रहे बुजुर्गों को हानि भी पहुंचा सकते हैं।

चोरों द्वारा गांव में घन्टाकर्ण देवता मंदिर और नागराजा देवता  मंदिर के ताले भी तोड़े जा चुके हैं। शिकायत के बावजूद घनसाली थाना पुलिस चोरों को पकड़ पाने में नाकाम रही है, अभी तक पुलिस एक भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई है। चोरी की घटनाओें पर अंकुश न लग पाने से लोगों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस महज खानापूर्ति के लिए कभी-कभी गांव में गश्त करने आती है। नियमित रूप से पुलिस गश्त नहीं हो रही है और न हीं पुलिस द्वारा गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। चोरों में पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है, जिस कारण चोर लगातार घरों के ताले तोड़ रहे हैं।
चोरों द्वारा ताले तोड़कर और जंगले काटकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। गांव में बढ़ती चोरी की घटनाओं के संबंध में पुलिस उच्चाधिकारियों और प्रशासन से भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उसके बावजूद चोरी की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं। पुलिस चोरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही है, जिस कारण चोर नहीं पकड़े जा रहे हैं। ग्रामीणों ने अंदेशा जताया है कि चोरी की इन घटनाओं में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्ता भी हो सकती है, पुलिस को गहन पूछताछ करनी चाहिए और मुखबीर तंत्र को सक्रिय करना चाहिए।

 

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