लेखक गाँव की सृजनधारा से सजी ‘स्वयंदीपा’: विरासत कला उत्सव में प्रेम, संघर्ष और पुनर्जन्म की भावपूर्ण गाथा

देहरादून। मंच पर जैसे ही दीप की लौ प्रज्वलित हुई, वातावरण में एक अलौकिक आभा फैल…