खुद को अपडेट करना कभी न भूले: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

-ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी का 13वां दीक्षांत समारोह

देहरादून। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि खुद को अपडेट करना कभी नहीं भूलना चाहिए। बदलती दुनिया में वही व्यक्ति आगे बढ़ता है, जो सीखने की प्रक्रिया को कभी नहीं रोकता और अपने ज्ञान, कौशल तथा दृष्टिकोण को लगातार निखारता रहता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सीखने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती, बल्कि हर नया पड़ाव नई संभावनाओं और नए अवसरों का द्वार खोलता है।

प्रह्लाद जोशी ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 13वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी बनने जा रही है और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, जिसका श्रेय देश के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार को जाता है। चंद्रयान से लेकर डिजिटल इंडिया तक, देश ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है और आने वाला भविष्य भी युवाओं की खोज, रिसर्च और स्टार्टअप संस्कृति से तय होगा।

श्री प्रह्लाद जोशी ने छात्र छात्राओं से विनम्र बने रहने, कठिनाइयों का साहस के साथ सामना करने तथा अपने माता-पिता और शिक्षकों के त्याग और योगदान को कभी नहीं भूलने का आवाह्न किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन यही समय युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर है, जो उन्हें विश्व स्तर पर नेतृत्व स्थापित करने की दिशा में आगे ले जाएगा।

उन्होंने ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला की सराहना करते हुए कहा कि डा. घनशाला एक ऐसे दूरदर्शी उद्यमी हैं, जिन्होंने हजारों युवाओं के सपनों को केवल दिशा ही नहीं दी, बल्कि उन्हें साकार करने का मंच भी प्रदान किया है। साधारण शुरुआत से ग्राफिक एरा को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना उनके विजन, नवाचार और अदम्य संकल्प का प्रमाण है। ग्राफिक एरा आज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि अवसरों, नवाचार और भविष्य निर्माण का केंद्र बन चुका है, जहां एआई, आईओएस सेंटर, अत्याधुनिक शोध सुविधाओं और उद्योग आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्र-छात्राओं को वैश्विक स्तर की तकनीक, कौशल और नेतृत्व क्षमता से सशक्त किया जा रहा है।

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निखारने और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर उत्तराखंड को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने डा. कमल घनशाला की संघर्षपूर्ण यात्रा को प्रेरक बताते हुए कहा कि उनका विजन आज हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहा है। डा. रावत ने डा. आर.सी. घनशाला के जैविक खेती, डेयरी और समाजसेवा के कार्यों को शिक्षा के मूल्यों का सशक्त उदाहरण बताया।

13वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर ग्राफिक एरा ग्रुप के मुख्य संरक्षक डा. आर. सी. घनशाला को समाजसेवा, जैविक खेती, डेयरी विकास तथा सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट्.) की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने उन्हें इस उपाधि से सम्मानित किया। डा. आर. सी. घनशाला ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने युवाओं से समाज के उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के लिए संवेदनशील होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूक और शिक्षित समाज ही देश को बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकता है।

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने कहा कि छात्र-छात्राएं सीमित सोच से ऊपर उठकर बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि दूसरों के लिए अवसर एवं रोजगार सृजित करने वाला बनने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि भारत ने सर्विस सेक्टर में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है, लेकिन अब समय आ गया है कि देश मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी नई क्रांति लाकर आत्मनिर्भरता और नवाचार की मिसाल पेश करे। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गुणवत्तापूर्ण शोध, तकनीकी नवाचार और वैश्विक स्तर की खोजों के लिए आगे आने का आह्वान किया। डा. घनशाला ने कहा कि सच्ची सफलता केवल पद, प्रतिष्ठा या आर्थिक उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि व्यक्ति के संस्कार, संबंध और जीवन मूल्यों से उसकी वास्तविक पहचान बनती है। उन्होंने छात्र छात्राओं को अपने माता-पिता और बड़ों का सम्मान करने, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा रिश्तों में संवाद और संवेदनशीलता बनाए रखने की सलाह दी।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर व नीति आयोग के सदस्य डा. वी. के. सारस्वत ने दीक्षांत समारोह के श्रीगणेश की घोषणा की। कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने विश्वविद्यालय पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी ने 2025 की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग में देशभर में 48वां स्थान हासिल कर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। विश्वविद्यालय में 85 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं तथा इस वर्ष छात्रों को 61.63 लाख रुपये तक का उच्चतम पैकेज प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक कंपनियों में आकर्षक पैकेज पर चयनित होकर संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 1.5 लाख से अधिक साइटेशन और 2,982 पेटेंट दर्ज कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

दीक्षांत समारोह की शुरुआत एक भव्य और गरिमामयी अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुई। दीक्षांत समारोह में ग्राफिक एरा एजुकेशनल सोसाइटी की चेयरपर्सन लक्ष्मी घनशाला, ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशनस की वाइस चेयरपर्सन डा. राखी घनशाला, प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा, विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल के सदस्य व ब्रह्मोस के पूर्व सीईयो व एमडी डा. सुधीर मिश्रा, यूकोस्ट के महानिदेशक डा. दुर्गेश पंत, प्रो वीसी डा. संतोष एस सर्राफ, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. अमित आर भट्ट, कुलसचिव डा. डी. के. जोशी अन्य पदाधिकारी शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहें।

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