पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमलाल आर्य समेत आधा दर्जन नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन

देहरादून। उत्तराखण्ड में शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक धमाका हो गया। भाजपा व अन्य दलों के कुछ प्रभावशाली नेता कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्व विधायक, पूर्व मेयर और ब्लॉक प्रमुख शामिल हैं, इससे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगी भाजपा को झटका लगा है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के कई और बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं।


शनिवार का दिन उत्तराखंड कांग्रेस के लिए बेहद खास रहा है, विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा के 6 बड़े नेता कांग्रेस में शामिल हो गए। खास बात है कि कांग्रेस में शामिल होने वाले यह नेता उत्तराखंड की 6 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों से जुड़े हैं। इन 6 नेताओं और 6 विधानसभा सीटों में गढ़वाल मंडल से तीन तो कुमाऊं मंडल से भी तीन सीटें शामिल हैं। गढ़वाल मंडल से टिहरी जिले की घनसाली विधानसभा सीट पर सक्रिय पूर्व विधायक भीमलाल आर्या, मसूरी विधानसभा सीट पर सक्रिय पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और रुड़की विधानसभा सीट पर सक्रिय पूर्व मेयर गौरव गोयल शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इनमें कुछ भाजपा से हैं तो कुछ निर्दलीय हैं। उधर कुमाऊं मंडल के भीमताल विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय पूर्व ब्लॉक प्रमुख और बीजेपी के जुझारू नेता लाखन सिंह नेगी, सितारगंज से पूर्व विधायक और बसपा नेता नारायण पाल और रुद्रपुर से पूर्व विधायक और बीजेपी नेता राजकुमार ठुकराल ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। दिलचस्प बात ये है कि इन नेताओं की ज्वाइनिंग दिल्ली में हुई। दरअसल उत्तराखंड कांग्रेस ने एक नया ट्रेंड सेट किया है। जब अंकिता भंडारी मामले पर कांग्रेस को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी तो तब भी उन्होंने स्थान दिल्ली चुना था। अब जब उत्तराखंड के 6 बड़े नेताओं के कांग्रेस ज्वाइन की तो तब भी ये कार्यक्रम दिल्ली में ही हुआ। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा,  नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह के साथ पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता भी  मौजूद रहे। इस मामले में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब इन 6 विधानसभा सीटों से जुड़े नेताओं ने कांग्रेस ज्वाइन की तो अब उनके साथ जुड़े लोग भी कांग्रेस में आएंगे। ऐसे में राज्य के 6 बड़े नेताओं की कांग्रेस में ज्वाइनिंग निश्चित रूप से उत्तराखण्ड भाजपा के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। हालांकि भाजपा भी पलटवार के लिए जानी जाती है और आने वाले दिनों में वो इससे भी बड़ी ज्वाइनिंग करके हिसाब बराबर कर सकती है।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की छवि फायरब्रांड नेता की रही है। हिंदुत्व एजेंडे पर उन्होंने अपने साथ अच्छा खासा वोट बैंक जोड़ा है। ठुकराल 2012 और 2017 में रुद्रपुर से विधायक रहे हैं। लेकिन 2022 में टिकट न मिलने के बाद नाराज होकर पार्टी छोड़ दी थी। उनके कांग्रेस में जुड़ने से बड़ा वोटबैंक उनके खाते में आ सकता है। हालांकि 2022 में ठुकराल निर्दलीय लड़े थे तब उन्हें केवल 27 हजार वोट ही मिल सके थे।
भीमलाल आर्य कांग्रेस के लिए घनसाली में बड़ा दलित चेहरा बन सकते हैं। वे पहले बीजेपी में रहे, फिर कांग्रेस में भी रहे, लेकिन पिछले चुनाव से निर्दलीय हैं। भीमलाल आर्य घनसाली से 2012 में बीजेपी विधायक रहे, 2017 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े लेकिन मात्र 5000 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। 2022 में भी भीमलाल आर्य ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और तीसरे नंबर पर रहे। गौरव गोयल रुड़की के मेयर रहे हैं, बीजेपी में उनकी अच्छी पकड़ रही। 2019 में जब बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाला तो निर्दलीय चुनाव लड़े और मेयर बन गए। फिर से भाजपा में वापसी की, लेकिन 2022 में गौरव गोयल को बीजेपी ने अनुशासनहीनता के लिए पार्टी से निकाल दिया। गोयल ने 2023 में मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था।
नारायण पाल उत्तराखंड में बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं। बाद में समाजवादी पार्टी और फिर बसपा से दो बार विधायक चुने गए। नारायण पाल के आने से सितारगंज में कांग्रेस को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। तिलकराज बेहड़ के साथ ठुकराल और नारायण पाल की तिकड़ी कांग्रेस को तराई में मजबूती दे सकती है।
2022 में भीमताल से निर्दलीय चुनाव लड़े लाखन सिंह नेगी युवाओं के बीच तेजी से उभर रहे हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए भी लाखन ने 12500 से ज्यादा वोट हासिल किए थे। लाखन सिंह नेगी जिला पंचायत सदस्य रहे हैं उनकी पत्नी रामगढ़ से ब्लॉक प्रमुख रही है। वर्तमान में भी उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। 2025 के जिला पंचायत चुनाव में लाखन सिंह नेगी चर्चा में आए थे, जब उनके समर्थक सदस्यों को जबरन किडनैपिंग की गई थी।
कांग्रेस का दामन थामने वालों में मसूरी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता भी हैं। पिछले दो तीन बार से गोदावरी थापली को टिकट जरूर मिला लेकिन वो करिश्मा दिखाने में नाकाम रही। लिहाजा इस बार पार्टी अनुज गुप्ता को टिकट दे सकती है।

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