
देहरादून: ताज पैलेस , चाणक्यपुरी , दिल्ली में आयोजित विशाल अवार्ड समारोह में शोध आधारित योजना ( आइडियाज़ फॉर इंडिया ) के तहत संपूर्ण भारत से प्राप्त 11224 प्रविष्टियों में अंतिम रूप से चयनित “ एकोनोमिक रेजिलिएन्स – बियोंड टैक” श्रेणी हेतु डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल विजेता रहे । इन्हें भारत के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति मे इकोनामिक रेसिलियंस बियोंड टेक नाम का शोध पुरस्कार दिया गया । यह पुरस्कार विकसित भारत के संदर्भ में आयोजित किया गया था । इस गरिमामय समारोह में भारत के नीति आयोग के प्रतिनिधि सहित भारत के नीति निर्धारक विख्यात विद्वानों के व्याख्यान हुए तथा भारत को विकसित भारत बनाने के लिए 6 परियोजनाओं की विभिन्न श्रेणियां में अवार्ड दिए गए ।
हमारे प्रधान मंत्री श्री मोदी द्वारा किसानों की आय को दुगना करने के संकल्प से प्रेरणा लेकर डॉ. नौटियाल ने घटती हुई कृषि योग्य भूमि से अधिकतम आय प्राप्त करने हेतु जैविक खाद का प्रयोग करते हुए “ ऊंची खेती ऊंची आय “ नामक संकल्पना पर प्रस्तुति दी । इस प्रकार की खेती में पौधों की ऊंचाई बढाई जाती है, जैसे भिंडी के पौधे को जो सामान्यतः 4 से 5 फुट ऊंचा होता है उसे 15 फुट तक ऊंचा उगा कर इससे 4 से 5 गुना अधिक आय अर्जित की जा सकती है । इसी प्रकार टमाटर का पौधा जो दो से ढाई फुट ऊंचा होता है उसे 14 से 15 फुट ऊंचा उगा कर कई गुना फसल कम से कम क्षेत्र मैं उगाई जा सकती है और किसानों की आय में कई गुना वृद्धि की जा सकती है । इस संकल्पना में जैविक खाद का प्रयोग किया जाता है जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है साथ ही इस प्रकार की उपज स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल हिंदी के लब्ध प्रतिष्ठ विद्वान एवं साहित्यकार तो हैं ही साथ ही वे विभिन्न क्षेत्रों में भी असाधारण दखल रखते हैं , इसीलिए उन्हें विश्व का सर्वाधिक बहुमुखी प्रतिभा संपन्न व्यक्ति होने का गौरव प्राप्त है तथा उनकी ये उपलब्धियां रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं । डॉ नौटियाल ने लगभग 270 पुस्तकों के समतुल्य साहित्य सृजन किया है तथा उनका बायोडाटा विश्व का सबसे बड़ा बायोडाटा है जो 11 खंडों में है तथा 5800 से अधिक पृष्ठों में समाहित है जिसमें डॉ. नौटियाल की 6000 उपलब्धियां दर्ज हैं । डॉ नौटियाल को हाल में ही भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने संवाद कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया था । डॉ नौटियाल एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्हें दो महामहिम राष्ट्रपतियों से पुरस्कार लेने का गौरव प्राप्त है । इससे पूर्व भी वे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कर कमलों से हिंदी की सेवा के लिए पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं । डॉ. नौटियाल को भारत के उप प्रधान मंत्री , अनेक राज्यों के महा माहिम राज्यपालों , केंद्रीय मंत्रियों के करकमलों से 115 से अधिक अवार्ड मिल चुके हैं ।
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