धूप-बत्ती बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं

-दरमोला में रीप ग्रामोत्थान परियोजना ने दिया प्रशिक्षण, लघु उद्यम के रूप में विकसित करने पर जोर

रुद्रप्रयाग। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिकी मजबूत करने की दिशा में रीप ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से पहल की जा रही है। इसी क्रम में जय रुद्रनाथ सीएलएफ से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ग्राम दरमोला में धूप-बत्ती निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को निर्माण से लेकर पैकेजिंग और बाजार में बिक्री तक की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने महिलाओं को धूप-बत्ती निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, उसके उचित मिश्रण, निर्माण की तकनीक, सुखाने, सुगंधित करने और पैकेजिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई। महिलाओं को मौके पर ही धूप-बत्ती तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने और आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से स्थानीय बाजार में इसकी मांग बढ़ाने के बारे में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने कहा कि धूप-बत्ती निर्माण कम लागत में शुरू की जा सकने वाली गतिविधि है, जिसे समूह स्तर पर लघु उद्यम का रूप दिया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन और विपणन से महिलाओं को अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सकता है। प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं ने गतिविधि को स्वरोजगार के रूप में अपनाने में रुचि दिखाई।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र रावत ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अपने समूह के माध्यम से उत्पाद तैयार कर इसे बाजार से जोड़ सकती हैं। रीप ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं के कौशल को रोजगार में बदलते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में समूह आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

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