देहरादून में समवशरण महामंडल विधान का भव्य आयोजन, पूर्णमति माताजी के सानिध्य में उमड़ रहे श्रद्धालु

-जैन मंदिर गांधी रोड में 18 अक्टूबर तक चलेगा समवशरण महामंडल विधान

देहरादून। समवशरण महामंडल विधान से आत्मकल्याण का संदेश, पूर्णमति माताजी के प्रवचनों से श्रद्धालु हो रहे लाभान्वित
देहरादून। संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य 108 समयसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न 105 पूर्णमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में राजधानी देहरादून में समवशरण महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया जा रहा है। गांधी रोड स्थित दिगंबर जैन पंचायती जैन मंदिर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान की आराधना कर रहे हैं और धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। माताजी के मंगल चातुर्मास के दौरान नगर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। उनके प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, ज्ञान, आत्मचिंतन और सदाचार की प्रेरणा मिल रही है। इसी क्रम में आयोजित समवशरण महामंडल विधान में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालुओं की सहभागिता को देखते हुए विधान के लिए बड़े और छोटे, दो प्रकार के मंडलों की व्यवस्था की गई है।
बड़े मंडल के धर्मलाभार्थियों में अर्चना जैन, दीपा जैन (पारस टॉवर), सुखमाल चंद जैन एवं रचना जैन (नेहरू कॉलोनी), अमित जैन एवं दीपा जैन (सौरभ सागर छाया), दिनेश जैन एवं बबीता जैन (रोचिपुरा), आशीष जैन एवं सीमा जैन, सुनीता जैन (राजेंद्र नगर), अलका जैन एवं ममता जैन (कर्जन रोड) तथा कमलेश जैन, विनोद जैन की धर्मपत्नी (राजपुर) शामिल हैं।
छोटे मंडल के धर्मलाभार्थियों में जनेश्वर दास एवं अंकित जैन (पार्श्वनाथ ज्वेलर्स), प्रतिभा जैन एवं मुकुल जैन (रोचिपुरा), श्रेयांस जैन (सहारनपुर), मुदित जैन एवं सिद्धार्थ जैन, प्रभु समर्पण समिति, गौरव जैन एवं रेशु जैन (कैनाल रोड), रानी प्रवीण जैन (चमन विहार), रूपा जैन (बल्लीवाला), आभा जैन (देहराखास), नरेश चंद जैन एवं ममलेश जैन (आनंद चैक), देव जैन एवं प्रिया जैन (त्यागी रोड), सुधीर जैन, विनय जैन एवं पंकज जैन (नेशनल बुक डिपो), प्रदीप जैन एवं विनीता जैन तथा रंजना जैन (देहराखास) शामिल हैं।
इसके अलावा जैन मिलन राजुल, इंदु जैन एवं वैभव जैन (चमन विहार), अचला जैन एवं आयुष जैन (एसीसी सीमेंट, तिलक रोड), आशु जैन (मालवीय रोड), महिला जैन मिलन ‘मनुवृति’, झंडा जैन मंदिर, णमोकार मंत्र, मंजू जैन (नेताजी मोहल्ला), जैन मिलन महावीर, राकेश जैन (माजरा), कमलेश जैन एवं संगीता जैन (नेहरू कॉलोनी), डॉली जैन (राजेंद्र नगर), रुचि जैन, सिद्धार्थ जैन एवं पारुल जैन (लक्की सीमेंट), महिला मंडल माजरा, संदीप जैन (बीकानेर वाले) एवं रजनी जैन (लक्ष्मण चैक), वीना जैन एवं परिवार (जैन कॉलोनी), वंदना जैन एवं परिवार (लक्ष्मण चैक) तथा संध्या जैन (चमन विहार) धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इनके साथ ही अनेक श्रद्धालु प्रतिदिन विधान में सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
समवशरण महामंडल विधान का धार्मिक महत्व
जैन धर्म में समवशरण महामंडल विधान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह तीर्थंकर भगवान के केवलज्ञान प्राप्त करने के बाद स्थापित होने वाली दिव्य धर्मसभा समवशरण की प्रतीकात्मक रचना और पूजा-अर्चना पर आधारित है। जैन मान्यता के अनुसार, समवशरण में मनुष्य, देव और तिर्यंच जीव भगवान की दिव्य देशना सुनने के लिए एकत्रित होते हैं। यह व्यवस्था समता, अहिंसा और सभी जीवों के प्रति समान भाव का संदेश देती है। विधान के अंतर्गत समवशरण की विभिन्न भूमियों, मानस्तंभ, चैत्य प्रासाद, खातिका भूमि, लता भूमि, उपवन भूमि, ध्वज भूमि तथा बारह सभाओं की प्रतीकात्मक मंडल रचना की जाती है। इसके बाद विधि-विधानपूर्वक जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना और तीर्थंकरों के गुणों का गुणगान किया जाता है।
जैन मान्यताओं के अनुसार, इस विधान की आराधना से कर्मों की निर्जरा, पुण्यार्जन और आत्मकल्याण की भावना पुष्ट होती है। यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं को अहंकार त्यागने, समता भाव अपनाने तथा संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
18 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन
मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि आर्यिका रत्न 105 पूर्णमति माताजी ससंघ की मंगल प्रेरणा, सानिध्य और आशीर्वाद में समवशरण महामंडल विधान 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन गांधी रोड स्थित दिगंबर जैन पंचायती जैन मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही बाहर से आने वाले भक्तजन भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज, देहरादून, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति-2026, जैन भवन कार्यकारिणी के सदस्य तथा विभिन्न जैन संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।