-राज्य रक्त संचरण परिषद् ने मनाया राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस
देहरादून। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार, स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एसबीटीसी) एवं उत्तराखंड राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में एनआईईपीवीडी, राजपुर रोड स्थित सभागार में राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘मानवता की एक बूंद रू रक्तदान कीजिए-जिंदगियां बचाइये’ रही। कार्यक्रम में यूथ रेडक्रॉस सोसायटी से पिछले 55 वर्षों से रक्तदान अभियान से जुड़े तथा अब तक 155 बार रक्तदान कर चुके रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा सहित स्वैच्छिक रक्तदाताओं और रक्तदान शिविर आयोजक संस्थाओं को रक्तदान के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
स्वैच्छिक रक्तदाताओं में राकेश रावत, कमल उनियाल, मनीष भट्ट, कमलेश कांडपाल और धर्मेंद्र को सम्मानित किया गया। वहीं रक्तदान शिविर आयोजकों में संत निरंकारी मंडल के जोनल प्रभारी हरभजन सिंह, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के विपुल गर्ग, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के डॉ. वीके श्रीवास्तव, साईं इंस्टीट्यूट की डॉ. आरती रौथान एवं चीफ कोऑर्डिनेटर एडमिशन रितिका डिमरी, एसबीएस बालावाला की डॉ. पूजा नौडियाल, टीम वॉरियर की शिवानी बिष्ट, ‘विचार एक नई सोच’ के अवधेश नौटियाल तथा पूर्व एनसीसी अधिकारी मेजर प्रेमलता वर्मा को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि हुडको के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भार्गव, एनआईईपीवीडी के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं हेड डॉ. सुरेंद्र ढालवाल, एसबीटीसी के निदेशक डॉ. अमित शुक्ला, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. एमएस अंसारी तथा यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के डॉ. अनिल वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इससे पूर्व यूसैक्स के संयुक्त निदेशक अनिल सती ने स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाए जाने के इतिहास और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विचार गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए डॉ. अनिल वर्मा ने स्वैच्छिक रक्तदान की आवश्यकता, महत्व और उत्तराखंड में शत-प्रतिशत रक्तदान का लक्ष्य हासिल करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान कर किसी जरूरतमंद को जीवन देना परोपकार का सरल माध्यम है। उन्होंने नियमित रक्तदान से रक्तदाता को होने वाले लाभों की जानकारी भी दी। डॉ. वर्मा ने युवाओं में बढ़ते एनीमिया के मामलों पर चिंता जताते हुए नशे से दूर रहने, जंक और फास्ट फूड का त्याग कर पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने थैलेसीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत विवाह से पूर्व लड़का-लड़की दोनों की रक्त जांच कराने पर भी जोर दिया, ताकि भावी पीढ़ी को थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।
कार्यक्रम अध्यक्ष एवं राज्य रक्त संचरण परिषद तथा एनएचएम के निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आवश्यक मापदंड और प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए अस्पतालों में रक्त की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों की स्थिति को समझने और नियमित रक्तदान के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने डॉ. अनिल वर्मा के 18 वर्ष की आयु से लगातार रक्तदान करने और अब तक 155 बार रक्तदान करने का उदाहरण देते हुए युवाओं से नियमित रक्तदाता बनने का संकल्प लेने की अपील की। एसबीटीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर बीटीएस प्रदीप हटवाल ने उत्तराखंड में रक्तदान के बढ़ते प्रतिशत को उत्साहजनक बताया। उन्होंने 95 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने और एनबीटीसी नई दिल्ली में अवॉर्ड मिलने पर रक्तदाताओं एवं संस्थाओं का आभार जताया। विचार गोष्ठी में डॉ. सुरेंद्र ढालवाल, डॉ. एमएस अंसारी, संजय भार्गव, हरभजन सिंह और शिवानी बिष्ट ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान हंसा ग्रुप के निदेशक विनोद ममगाईं एवं इंदु ममगाईं के संयोजन में ‘रक्तदान-महादान’ विषय पर प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर संस्थान परिसर में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के ब्लड बैंक की एसोसिएट प्रोफेसर प्रभारी डॉ. नेहा बत्रा डंडोना के संयोजन में रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन यूसैक्स के संयुक्त निदेशक अनिल सती ने दिया।
कार्यक्रम में यूथ रेडक्रॉस कमेटी के डॉ. अनिल वर्मा एवं मेजर प्रेमलता वर्मा के नेतृत्व में डीएवी (पीजी) कॉलेज की टीम लीडर रिया बिष्ट, डीबीएस (पीजी) कॉलेज के टीम लीडर अथर्व थपलियाल एवं कनक उप्रेती तथा डीएवी इंटर कॉलेज के सात्विक बंसल एवं सारंग बंसल सहित 52 यूथ रेडक्रॉस वालंटियर, सीआईएमएस एवं एनआईईपीवीडी के छात्र-छात्राओं समेत बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में यूसैक्स के संयुक्त निदेशक अनिल सती, असिस्टेंट डायरेक्टर सौरभ सहगल, असिस्टेंट डायरेक्टर ओपी सिंह, सुरेंद्र बिष्ट, संजय बिष्ट, जगदीश अधिकारी, शकुंतला सेमवाल, आशीष रॉबर्ट, अखिलेश वर्मा, बालाजी सेवा समिति की चंद्रकांता, होप संस्था की शहनाज तथा फोटोग्राफर प्रशांत पांडेय का विशेष योगदान रहा।