होटल की फायर एनओसी के लिए 20 हजार की रिश्वत मांगी, छह हजार लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

-लैंसडाउन के होटल संचालक से उत्कोच मांगने के आरोप में कोटद्वार के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी पर विजिलेंस का शिकंजा

-गोपनीय जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद सतर्कता टीम ने बिछाया जाल, भूपेश त्यागी को रिश्वत लेते दबोचा

देहरादून/कोटद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस की टीम ने कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ने लैंसडाउन, पौड़ी गढ़वाल स्थित एक होटल की अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बुधवार, चार नवंबर को सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

एनओसी के नाम पर मांगी थी 20 हजार रुपये की रिश्वत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता का लैंसडाउन, जनपद पौड़ी गढ़वाल में होटल है। होटल की अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के लिए वह संबंधित विभाग के संपर्क में था। आरोप है कि इस दौरान फायर स्टेशन कोटद्वार के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी ने एनओसी जारी करने के एवज में उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत सतर्कता विभाग से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस ने प्रकरण की गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई और मामला ट्रैप कार्रवाई के योग्य पाया गया।

गोपनीय जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

गोपनीय जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की। इस संबंध में थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में अभियोग पंजीकृत कराया गया। इसके बाद आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजना तैयार की।

विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से आरोपी अधिकारी तक रिश्वत की रकम पहुंचाने की रणनीति बनाई। बुधवार को टीम ने नियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए कोटद्वार में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से छह हजार रुपये की उत्कोच धनराशि ग्रहण करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई

होटल की फायर एनओसी जैसे महत्वपूर्ण विभागीय कार्य के लिए रिश्वत मांगे जाने का यह मामला सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अग्निशमन विभाग की एनओसी किसी भी होटल की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में कथित रूप से रिश्वत की मांग किया जाना गंभीर मामला है।

सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि आरोपी अधिकारी भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, जबकि शिकायत के अनुसार एनओसी जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की गई थी।