ऋषिकेश। शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम समाधि संस्थान, जनार्दन आश्रम, दंडी बाड़ा, मायाकुंड, ऋषिकेश में लोककल्याण एवं विश्वशांति के उद्देश्य से चल रहे अतिरुद्र महायज्ञ का सप्तम दिवस विधि-विधान के साथ निर्विघ्न संपन्न हुआ। सप्तम दिवस पर घृत धाराओं से यज्ञ की पूर्णाहुति की गई। महापुरुषों की पुण्य स्मृतियों में 81 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा यज्ञ कुंडों में 27 लाख आहुतियां प्रदान की गईं। दंडी स्वामी अनिरुद्धानन्द तीर्थ जी महाराज के सानिध्य में आयोजित यज्ञ के संयोजक ब्रह्मचारी केशव स्वरूप महाराज ने कहा कि यह यज्ञ जनकल्याण, आध्यात्मिक उन्नति, सभी के सुख-शांति एवं अभ्युदय की कामना के लिए आयोजित किया गया था। संतों के मुख्य व्रत चातुर्मास के समापन अवसर पर पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी माधवाश्रम जी महाराज के आशीर्वाद से इस यज्ञ का आयोजन किया गया। सभी भक्तों के सहयोग से यज्ञ निर्विघ्न संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पूज्य शंकराचार्य राजराजेश्वरानंद जी महाराज ने हरिद्वार से पधारकर पूज्य शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम जी महाराज की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और यज्ञ के दर्शन कर सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में गंगानगर, राजस्थान से पधारे ब्रह्मचारी कल्याण स्वरूप जी, अच्युतानंद महाराज जी, डॉक्टर वागीश स्वरूप जी महाराज, भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व महापौर अनीता ममगाईं, दिनेश सती, सुरकंडा डोली उपासक अजय बिजल्वाण, लक्ष्मण मंदिर के महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य, मनीष डिमरी, संदीप शास्त्री, मुकेश शर्मा, यज्ञ के मुख्य आचार्य राकेश बहुगुणा, आचार्य जयानंद सेमवाल, आचार्य गंगाराम व्यास, डॉक्टर जनार्दन प्रसाद कैरवान, जितेंद्र प्रसाद भट्ट, वैदिक ब्राह्मण महासभा ऋषिकेश के अध्यक्ष जगमोहन मिश्रा, महामंत्री शिव प्रसाद सेमवाल, कथा वाचक शिवस्वरूप नौटियाल, आचार्य नरेंद्र सकलानी, सूरज बिजल्वाण, आचार्य शंकर भट्ट, आचार्य सुरेश पंत, डॉक्टर भानु प्रकाश उनियाल, आचार्य आयुष गौड़, ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय शास्त्री, शैलेंद्र मिश्रा, डॉक्टर राजेश नैथानी, मनोज नौटियाल एवं एल. पी. पुरोहित सहित बड़ी संख्या में संत, आचार्य, वैदिक ब्राह्मण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।