देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित 16 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इन फैसलों में न्यायिक अधिकारियों को ई-व्हीकल पर ब्याज छूट देने का निर्णय, फ्री बिजली योजना में सब्सिडी-वसूली एक्ट को मंजूरी भी शामिल है। लोक निर्माण विभाग में 1 करोड़ से ऊपर की कंसल्टेंसी को पास किया गया। न्याय विभाग में न्याय कर्मचारियों को नॉमिनल इंटरेस्ट रेट पर 10 लाख रुपए का सॉफ्ट लोन ले सकेंगे। वन विभाग ने मुख्य प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा 25 वर्ष का प्रावधान था कार्मिक विभाग में 22 वर्ष, अब कार्मिक विभाग की तर्ज पर प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा 22 वर्ष की गई। ऊर्जा विभाग में सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2025 तक ही लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रीमियम को लेकर प्रस्तुति दी गई।
सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि गृह विभाग 2025 में बनी नियमावली को लागू करने की अनुमति दी गई है। साथ ही गृह विभाग में उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नियमावली बनाई गई है। इसे भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने गृह विभाग भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद, प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञ को रखने की अनुमति दे दी है। कैबिनेट बैठक में कार्मिकों को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। कार्मिक विभाग में सिपाही और उप निरीक्षक पदों के लिए नियमावली बनाई गई थी। जिसके हिसाब से अब घटी हुई सीमा के बाद उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा। जिसमें पुलिस पीएसी, अग्निशमन, प्लाटून आदि मौजूद हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग में एडेड स्कूलों के लिए स्टडी के लिए उप समिति बनाने का निर्णय लिया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग में राज्य से 2.2 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया। गेहूं और धान खरीद पर जितना भारत सरकार मंडी शुल्क दे रही है, उतना ही राज्य सरकार देगी। उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लक्ष्य को 10 प्रतिशत टारगेट और पूर्व सैनिक और पूर्व अग्निवीर के लिए रिजर्व रखा जाएगा। 5 प्रतिशत सब्सिडी भी अतिरिक्त रूप से दी जाएगी। नियोजन विभाग के तहत सेतु आयोग में बनाएगी, जिसको लेकर मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति दी गई। पंचम विधानसभा सत्रावसान को भी मंजूरी मिल गयी है।।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत ‘वीर उद्यमी योजना-2026’ को पूरक योजना के रूप में तैयार किया है। योजना के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए बड़े स्तर पर रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के साथ पूरक (सप्लीमेंटरी) स्कीम के रूप में चलाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य मार्च 2025 से मार्च 2030 तक 50 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 25 लाख रुपये तक और सर्विस एवं ट्रेड सेक्टर में 10 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी। लाभार्थियों को कोलैटरल फ्री बैंक ऋण दिया जाएगा, जबकि विशेष वर्गकृजैसे अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिक को केवल 5 प्रतिशत अंशदान करना होगा। प्रोजेक्ट लागत के आधार पर अनुदान की अलग-अलग दरें तय की गई हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में 2 लाख तक की परियोजनाओं पर 30 प्रतिशत, 10 लाख तक 25 प्रतिशत और 25 लाख तक 20 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। वहीं मैदानी क्षेत्रों में यह क्रमशः 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 15 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। योजना में अतिरिक्त 5-5 प्रतिशत के तीन बूस्टर-भौगोलिक, सामाजिक और उत्पाद आधारित-का भी प्रावधान है। हालांकि एक लाभार्थी को केवल एक ही बूस्टर का लाभ मिल सकेगा।
कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय
1. लोक निर्माण विभाग के एडीबी (एशियाई विकास बैंक) समर्थित पुल सुधार परियोजना उत्तराखण्ड के तहत ली गई कंसलटेंसी के 01 करोड़ से ऊपर की धनराशि के टेण्डर को मंत्रीमण्डल द्वारा दिया गया अनुमोदन।
2. न्याय विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में सेवारत न्याययिक अधिकारियों को वाहन क्रय करने हेतु नाॅमिनल इंटरेस्ट रेट पर 10 लाख रूपये तक साॅफ्ट लोन की सुविधा अनुमान्य किये जाने का कैबिनेट द्वारा किया गया अनुमोदन। इसके तहत इंटरेस्ट रेट इलैक्ट्रिक वाहनों के लिए 4 प्रतिशत तथा अन्य वाहनों के लिए 5 प्रतिशत है।
3. वन विभाग के अन्तर्गत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद हेतु न्यूनतम सेवा 25 वर्ष का प्राविधान था, जिसे कार्मिक विभाग की व्यवस्था के अनुरूप 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष वर्ष किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा दिया गया अनुमोदन।
4. ऊर्जा विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत भारत सरकार के साथ ही राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही थी, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया था। इसके तहत 31 मार्च, 2025 तक जिन लोगों के संयत्र लग चुके थे, उनको इस सब्सिडी का लाभ दिये जाने का कैबिनेट प्रदान की अनुमति।
5. उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 की धारा 36 के प्रावधानानुसार स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्याालय जनपद देहरादून से संबंधित या उससे अनुषांगित विषयों का उपबन्ध एवं नियमन करने के लिए परिनियम के प्रख्यापन की कैबिनेट ने दी मंजूरी।
6. गृह विभाग के अन्तर्गत वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड लोक और निजी सम्पत्ति वसूली अधिनियम बनाया गया था, जिसमें नियमावली बनाने हेतु परामर्शी विभागों (वित्त, न्याय और विधायिकी) से परामर्श लेकर नियमावली लागू करने की मंत्रिमण्डल द्वारा दी गई अनुमति।
7. गृह विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड होमगार्ड्स समूह ‘क‘ एवं ‘ख‘ सेवा संशोधन नियमावली के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की मिली अनुमति। इसके तहत वर्ष 2024 में होम गाडर््स विभाग के अन्तर्गत केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान हेतु कमाडेंट का पद सृजित किया गया था, जिसकी नियमावली न बनने के कारण प्रमोशन बाधित हो रहे थे।
8. गृह विभाग के अन्तर्गत भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद डिजिटाइजेशन की व्यवस्था और कम्प्यूटर आधारित अंवेषण की व्यवस्था की गई थी, इसके तहत पुलिस कार्मिकों को कई तरह की ट्रेनिंग दिये जाने हेतु हेतु भारत सरकार की सेवा प्रदाता संस्था ‘नेशनल इंस्ट्यूट फाॅर इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इन्फाॅरमेशन टैक्नोलाॅजी‘ (आईटी विभाग के अन्र्तगत) विशेषज्ञों की नियुक्ति का मंत्रीमण्डल द्वारा किया गया अनुमोदन।
9. कार्मिक विभाग के अन्तर्गत वर्दीधारी सिपाही पदों और वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों (पुलिस, पीएससी, आईआईआरबी, प्लाटून कमान्डर, अग्निशमन अधिकारी, वन दरोगा) की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2023 में एकीकृत नियमावली बनाई गई थी, जिसके तहत कुछ पदों के लिए आयु सीमा और हाइट बढ़ी-घटी थी। इस संबंध में आगामी तीन वर्ष तक पूर्व की नियमावली की व्यवस्था बनाये रखने का कैबिनेट द्वारा दिया गया अनुमोदन।
10. माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत मा. न्यायालय द्वारा लिये गये निर्णयानुसार एडेड स्कूल बनने से पूर्व शिक्षकों की सेवा को प्रोन्नति के लिए मान्य करने को लेकर मंत्रीमण्डल में विचारार्थ प्रस्ताव में मा. मंत्रीमण्डल द्वारा उप समिति बनने का अनुमोदन दिया गया।
11. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अन्तर्गत रवि विपणन सत्र 2026-27 में विकेन्द्रीयकरण के अन्तर्गत मूल्य समर्थन हेतु गेहंू खरीद के प्रस्ताव को भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रूपये प्रति कुन्तल का लाभ दिये जाने हेतु मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदित किया गया। इसके तहत राजकीय कृषकों से 2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य भी रखा गया है।
12. खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अन्तर्गत भारत सरकार से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रबी और खरीब सत्रों में की जाने वाली गेहूं और धान खरीद पर भारत सरकार द्वारा अनुमन्य मण्डी शुल्क 02 प्रतिशत ही लिये जाने का कैबिनेट ने दिया निर्णय।
13. उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तावित नई योजना ‘उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026‘ को मा. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को सप्लीमेंटरी योजना के तहत प्रस्तावित किया गया है, इसके तहत मा. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लक्ष्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत लक्ष्य पूर्व सैनिक एवं पूर्व अग्निवीरों के लिए रिर्जव रखा जायेगा। यदि परिवार में पति-पत्नी दोनों ही पूर्व सैनिक या पूर्व अग्निवीर हैं, तो दोनों को लाभ देने तथा 5 प्रतिशत सब्सिडी भी दिये जाने की कैबिनेट ने दी मंजूरी। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 02 लाख रूपये तक में 30 प्रतिशत, 02 से 10 लाख तक में 25 प्रतिशत तथा 10 से 25 लाख रूपये में 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जायेगी। जबकि मैदानी क्षेत्रों में 02 लाख रूपये तक में 25 प्रतिशत, 02 से 10 लाख तक में 20 प्रतिशत तथा 10 से 25 लाख रूपये में 15 प्रतिशत की सब्सिडी दी जायेगी।
14. नियोजन विभाग के अन्तर्गत राज्य योजना आयोग के स्थान पर सेतु आयोग के गठन, उसके कार्यक्षेत्र एवं संगठनात्मक ढांचा निर्माण की कैबिनेट द्वारा दी गई अनुमति।
15. विधायी और संसदीय विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड की पंचम विधान सभा सत्र 2026 का सत्रावसान करने का मंत्रिमण्डल द्वारा दिया गया अनुमोदन।
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