“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से लाखों नागरिकों तक पहुँची धामी सरकार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, त्वरित समाधान और पारदर्शी प्रशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। 09 जनवरी 2026 तक आयोजित शिविरों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि सरकार सीधे जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक 297 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 2,13,341 नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। इन शिविरों के माध्यम से जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए 24,247 शिकायतें प्राप्त की गईं, जिनमें से 16,458 शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन कैंपों के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी प्रभावी ढंग से हुआ है। विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों हेतु 33,158 आवेदन प्राप्त किए गए, वहीं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से 1,21,375 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाया गया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, समाधान और संवेदनशीलता का अभियान है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाला प्रत्येक नागरिक भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि जनपदवार आयोजित कैंपों में अल्मोड़ा, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उधम सिंह नगर, देहरादून सहित सभी जिलों में व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली है, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता सरकार पर भरोसा कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार तक पहुँचेगी और सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखेगी।

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