देहरादून। हजारा बुणजाई बिरादरी 1950, देहरादून की वार्षिक लोहड़ी महोत्सव को भव्य एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित करने के उद्देश्य से कार्यकारिणी सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिरादरी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और आयोजन की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। यह बिरादरी उत्तराखंड में मौजूद सबसे पुराने सामाजिक संगठनों में से एक है और सदा सामाजिक सद्भाव एवं आपसी सौहार्द के लिए कार्य करती रही है। बिरादरी द्वारा भारत की आज़ादी के बाद वर्ष 1947 से देहरादून में प्रत्येक वर्ष लोहड़ी के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनके माध्यम से सर्व समाज में एकता और सौहार्द का संदेश दिया जाता रहा है।
प्रचार मंत्री एवं मीडिया प्रभारी अभिनव थापर ने कहा कि इस वर्ष लोहड़ी पर्व 11 जनवरी 2026 को पटेल नगर, देहरादून में पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोक-संस्कृति और सामूहिक सहभागिता के साथ भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोहड़ी अलाव, लोकगीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करने वाले विविध आयोजन शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु विशेष गतिविधियाँ भी रखी जाएंगी।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम है। बैठक में अध्यक्ष पवन चंडोक, अभिनव थापर, सचिन विज, संजय उप्पल, सतीश कक्कड़, अभिषेक तलवार, बाबूराम सहगल, संजीव पूरी, प्रद्युम्न कक्कड़, प्रदीप सुदी, संजय सुदी, धीरज ओबेरॉय, योगेश नंदा सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया। अंत में सभी ने आयोजन को सफल व ऐतिहासिक बनाने हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
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