सीएम धामी के तीन साल के पूरे हुए कार्यकाल पर पीएम मोदी की बधाई में छुपा ‘स्थिरता’ का बड़ा संदेश

देहरादून। तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चिट्ठी कोई सामान्य पत्र नहीं है। यह पत्र उन बयानवीरों के लिए एक बड़ा झटका है जो प्रदेश में सियासी अस्थिरता का मंसूबा पाले हुए हैं। ऐसा पहली बार हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखण्ड के किसी मुख्यमंत्री को कार्यकाल का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा करने पर बाकायदा चिट्ठी भेजकर शुभकामना दी है। सिर्फ शुभकामनाएं ही नहीं दी बल्कि उनकी भरपूर प्रशंसा भी की है। इस चिट्ठी में लिखी पंक्तियों से परे इसके जरिए दिया गया संदेश सभी को समझ आ रहा है। संदेश सरकार की स्थिरता को लेकर है। ऐसी ही स्थिति में कहा जाता है कि कभी-कभी ‘पंक्तियों के बीच भी पढ़ा जाना’ चाहिए।

उत्तराखण्ड में भाजपा के बड़े नेताओं की बयानबाजी से राजनैतिक पारा चढ़ा हुआ है। हाल के दिनों में मंत्री से लेकर सांसद के कुछ ऐसे बयान आए जिससे न सिर्फ सामाजिक एकता प्रभावित हुई बल्कि राजनीतिक रूप से स्थिति को असामान्य बनाने के भरपूर प्रयास किए गए। एक ऐसा नेरेटिव बनाने का भी प्रयास हुआ कि स्थितियां बेकाबू हो चुकी हैं और अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होना तय है। कुछ छत्रप दिल्ली तक दौड़ लगाने लगे। शक्ति प्रदर्शन के लिए महफिल तक आयोजित की गई। शांत स्वभाव के धामी ने विपरीत परिस्थिति में भी धैर्य बनाए रखा और विचलित हुए बगैर राजकाज व कामकाज से जुड़ी गतिविधियां निरन्तर जारी रखीं।

राज्य में उठापटक की यह कोशिशें ठीक उस वक्त हुईं जब धामी सरकार अपना तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का जश्न मना रही थी। कयास लगाए जा रहे थे कि क्या वाकई भाजपा हाईकमान उत्तराखण्ड में नेतृत्व परिवर्तन का मन बना चुका है या फिर यह सिर्फ अफवाह मात्र है। अस्थिरता के इस माहौल के बीच बीत रोज 1 अप्रैल को सार्वजनिक हुई एक चिट्ठी ने बयानवीरों की बोलती बंद कर दी। यह चिट्ठी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजी थी। इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री ने धामी सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई संदेश में सीएम पुष्कर सिंह धामी को कर्मठ व ऊर्जावान बताया। चिट्ठी में प्रधानमंत्री ने लिखा, सीएम धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन वर्ष ”सेवा, सुशासन और विकास” के रूप में समर्पित रहे हैं, जो राज्य के उत्थान में एक बड़ी उपलब्धि है। अपनी विरासत पर गर्व के भाव के साथ आगे बढ़ता हुआ उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। जनशक्ति से यह दशक उत्तराखंड का होगा। जिसमें प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगा।

इस चिट्ठी का संदेश सिर्फ मुख्यमंत्री धामी को बधाई तक सीमित नहीं है इसमें स्थिरता का मैसेज भी है। जरा गौर करिए ! 23 मार्च को धामी सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे किये, लेकिन 29 मार्च को पीएमओ की ओर से चिट्ठी जारी हुई, जो तीन दिन बाद सार्वजनिक की गई है। इस चिट्ठी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खुलकर तारीफ की है वह सार्वजनिक मंचों पर पहले भी कई बार उनकी पीठ थपथपा चुके हैं।

बीते माह शीतकालीन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर पीठ थपथपाई थी। उन्होंने सीएम को ‘छोटे भाई’ और ‘ऊर्जावान’ मुख्यमंत्री कह कर संबोधित किया तो जब जहां मौका मिला उन्हें शाबाशी देकर प्रोत्साहित किया था। भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी। एक के बाद एक महत्वपूर्ण फैसले लेने और उन्हें अमल में लाने के मुख्यमंत्री धामी के अंदाज को शीर्ष स्तर पर पसंद किया जा रहा है। चाहे समान नागरिक संहिता हो या राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, प्रधानमंत्री के स्तर पर मुख्यमंत्री को भरपूर शाबासी मिली है।

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