देहरादून। कोरोना महामारी से सभी वर्गों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन गरीब तबका काफी पेरशान हैं। कोरोना की दूसरी लहर मलिन बस्तियों और ग्रामीण इलाकों तक तेजी से पहुंचा है। कोरोना की दूसरी लहर में गरीब लोग बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं, जबकि पहली लहर के दौरान मलिन बस्ती या गरीब परिवारों से जुड़े लोग कम ही अस्पतालों तक पहुंच रहे थे।
इस बार प्रदेश के मलिन बस्तियां और झुग्गी झोपड़ियों के अलावा पहाड़ों से भी कोरोना तेजी से फैल रहा है। एक आकलन के अनुसार राज्य में करीब 20 प्रतिशत मामले गरीब तबके से जुड़े लोगों के हैं। इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित मिडिल क्लास दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस बार कोरोना पहाड़ की तरफ भी पैर पसार चुका है। पहाड़ों से भी संक्रमण के बड़े आंकड़े दिखाई दे रहे हैं। पहाड़ों में रहने वाले गरीब परिवारों पर इसका बेहद ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। मई महीने से कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों पर नजर डाले तो पहाड़ी जनपदों में हर दिन कई मामले सामने आ रहे हैं। इन आंकड़ों में अगर पहली लहर और दूसरी लहर की तुलना की जाए तो इसमें करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा मामले दूसरी लहर के दौरान के ही हैं। बता दें कि, केवल संक्रमण में ही नहीं बल्कि मौत के आंकड़ों में भी गरीब तबके पर दूसरी लहर भारी पड़ी है। राज्य में 4,426 मरने वाले मरीजों में करीब 1000 मरीज पहाड़ी जिलों के ही हैं।
