देहरादून: फूड इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने केंद्रीय बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एसोसिएशन के राज्य समन्वयक अनिल मारवाह और राज्य सह समन्वयक पवन अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को ऋण देने में नया क्रेडिट असेसमेंट मॉडल स्वागत योग्य है, लेकिन बैंक इन निर्देशों को ईमानदारी से लागू करें, तभी लाभ होगा। सरकार को इस पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बजट में एमएसएमई क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। यदि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए भी कुछ घोषणाएँ होतीं तो अच्छा होता।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई के ऋण पर भारी ब्याज दरों पर राहत की घोषणा होती तो बजट और भी अच्छा होता। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (गैर-गिरवी टर्म लोन फॉर प्लांट एंड मशीनरी) का विस्तार स्वागत योग्य है। गारंटी फीस को तर्कसंगत बनाया गया है। 100 औद्योगिक पार्कों (विशेष प्लग एंड प्ले) की घोषणा स्वागत योग्य है। उत्तराखंड में एक औद्योगिक पार्क का तोहफा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को बड़ी कंपनियों से सुरक्षा देने की योजना का अभाव खटकता है। कौशल विकास कार्यक्रमों की घोषणा स्वागत योग्य है, जिसमें 1000 आईटीआई को उन्नत किया जाएगा और 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। औद्योगिक कामगारों के लिए डॉर्मिटरी प्रकार आवास की व्यवस्था स्वागत योग्य है।
न्यूक्लियर पावर प्लांट्स और थर्मल पावर प्लांट्स पर नीति से उद्योग की पावर की कमी दूर होगी। आयकर अधिनियम की समीक्षा का स्वागत किया जाता है। उत्तराखंड को भी बिहार और आंध्र प्रदेश की तरह पैकेज मिलता तो और भी अच्छा बजट होता।