श्रद्धापूर्वक मनाया गया पांचवें गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी पर्व

देहरादून। सिखों के पांचवे गुरु शहीदों के सरताज श्री गुरु अरजन देव जी का शहीदी पर्व कथा कीर्तन के रूप में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया, कार्यक्रम के पश्चात राहगीरों की प्यास ऐप्पी, माजा, फ्रूटी एवं मिनरल वॉटर पीला कर बुझाई l प्रात: नितनेम के पश्चात भाई सतवंत सिंह ने आसा दी वार का शब्द “सोई सियाना सो पतिवन्ता हुकुम, लगे जिस मिट्ठा जियो “एवं “तेरा किया मिट्ठा लागे “का गायन किया l समूह संगत ने मिल कर श्री गुरु अरजन देव जी की वाणी, श्री सुखमनी साहिब जी का पाठ कियाl हैडग्रंथी भाई शमशेर सिंह जी ने श्री गुरु अरजन देव जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जी का पूरा जीवन मनुष्यता कि भलाई में व्यतीत किया, श्री हरमन्दिर साहिब की नीव का साईं मिया मीर से रखवाई, एवं दरवार साहिब के चार दरवाज़े रख कर चारोँ वर्णो को साँझा उपदेश दिया, संसार के लोगों में से भ्र्म, अन्धविश्वास, जात – पात को दूर किया, गुरु साहिब ने भगत साहिबान, भट्ट साहिबान एवं सिंह साहिबान जी की वाणी एकत्रित कर गुरु ग्रंथ साहिब जी की वीड तैयार कर के श्री हरमन्दिर साहिब में प्रकाश करवाया l मनुष्यों के अधिकारों को जिन्दा रखने के लिए लाहोर में अपनी शहादत गर्म तवी पर बैठ कर, शीश में गर्म रेत डलवाकर एवं उबलते हुए पानी में बैठ कर दी l
भाई चरणजीत सिंह ने शब्द ” उलाहनो मै काहु न दिओ, गुर अरजन सच सिरजनहारा, आवन जान रहिओ ” का गायन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये lभाई साहिब ने अरदास मै सब के भले की अरदास कर कोरोना संक्रमण के कारण जिन प्राणियों ने अपनी जान गवा दी वाहेगुरु जी उन पवित्र आत्माओं को अपने चरणों निवास दें, परिवार को इस महान दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे, और जो इस महामारी से जंग लड़ रहें हैँ परमात्मा उन को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे l कार्यक्रम के पश्चात संगतों प्रशाद ग्रहण किया एवं राहगीरों को ऐप्पी, माजा एवं मिनरल वॉटर वितरित किया गया l मंच का संचालन सेवा सिंह मठारु ने किया l इस अवसर पर प्रधान गुरबख्श सिंह राजन, महासचिव गुलज़ार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिंदर सिंह छाबड़ा, उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह, सचिव अमरजीत सिंह छाबड़ा, मनजीत सिंह, सतनाम सिंह, देविन्दर सिंह भसीन, राजिंदर सिंह राजा, अमरजीत सिंह नॉटी, अमरजीत सिंह चिट्टा , ईश्वर सिंह,जसवंत सिंह सप्पल, गुरनाम सिंह, जसपाल सिंह एवं बीबी भानी दल जत्था आदि उपस्थित थे l