सम विवि 2021 में विश्व स्तरीय औषधि पादप महाकुम्भ करने जा रहा

हरिद्वार। देश और दुनिया में गुरुकुल कांगड़ी (सम विश्वविद्यालय) वेद, योग और दर्शन के नाम से जाना जाता है मगर अब विश्व में विश्वविद्यालय को पादप औषधि के नाम से जाना जाएगा। सम विश्वविद्यालय 2021 में विश्व स्तरीय औषधि पादप महाकुम्भ करने जा रहा है। इस कुम्भ को ग्रीन कुम्भ का नाम दिया गया है। कुम्भ की तैयारियों को लेकर गु0 कां0 (समविश्वविद्यालय) के भेषज विभाग के विभागाध्यक्ष एवं औषधि पादप के वैज्ञानिक प्रो0 सत्येंन्द्र कुमार राजपूत ने आज अलंकनन्दा होटल पर उत्तराखण्ड सरकार के कद्दावर मंत्री हरक सिंह रावत से मुलाकात कीद्य उन्होंने मुलाकात के दौरान बताया कि हरिद्वार में औषधि पादप महाकुम्भ 2021 में जनवरी से लेकर अप्रैल तक चलेगाद्य इस कुम्भ में पादप औषधि का रोपण। बेबीनार सांईसटून स्वास्थ्य सिविर गंगाशोधन एवं संवर्धन, रेड़ियों वार्ता औषधि पादप पर चर्चा, वेद एवं योग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
वन एवं आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि गु0 कां0 (समविश्वविद्यालय) एक प्राचीन संस्था है इस संस्था के जनक स्वामी श्रद्धानंन्द महाराज जी है यह विश्वविद्यालय यदि औषधि पादप महाकुम्भ करने जा रही है। तो निश्चित ही यह उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है पादप औषधियों का उत्तराखण्ड हब माना जाता है। उन्होंने संजीवीनी का उदाहरण देते हुए कहा कि लक्ष्मण को बचाने के लिए हनुमान जी संजीविनी बुटी को उत्तराखण्ड से ही लाये थे। उत्तराखण्ड में ही चरक जैसे औषधि के विज्ञानी का जन्म हुआ है उत्तराखण्ड में बहुत सारी औषधिया है जिनका शोध कार्य होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी इस बात का सबूत है कि आर्युवैदिक दवाईयों से ही आम आदमीयों को इम्युनिटी बढ़ानें का अवसर मिला है। महाकुम्भ में सहयोग देने के लिए आश्वासन दिया। गुं0 कां0 (समविश्वविद्यालय) के भेषज विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा0 सत्येन्द्र राजपूत ने महाकुम्भ संबंधित आमंत्रण पत्र, पादपऔषधियों को पोस्टर, बेबिनार में भाग लेने वाले देश व विदेश के वैज्ञानिकों की लिस्ट भी उन्होंने सप्रेम भेंट की। इस अवसर पर डा0 अश्वनी कुमार, डा0 राहुल सिंह इसके साथ ही देवेन्द्र प्रधान (निजी सचिव, राज्यपाल, उत्तराखण्ड) उपस्थित रहे।