साइबर अपराधियों की 24 घंटे होगी सख्त निगरानी

लखनऊ। प्रदेश में साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं। साइबर क्राइम थानों की ओर से 24 घंटे सख्त निगरानी हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खुले परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थानों की कार्रवाई में अब तक कुल 385 अभियुक्तों को गिरफ्तार करके साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी की गयी है।
इन थानों में अब तक कुल 528 अभियोग पंजीकृत हुए हैं, उनमें से 126 अभियोग निस्तारित करते हुए कार्यवाही की गयी है। महिलाओं के साथ होने वाले साइबर अपराधों के निस्तारण के लिए हर साइबर थाने में महिला साइबर क्राइम सेल भी संचालित हो रहा है। सभी थानों को पर्याप्त उपकरण व संसाधनों की व्यवस्था की गयी है। शासन ने 32 करोड़ 80 लाख रुपये की धनराशि दी, इससे डाटाबेस मैनेजमेंट, फारेंसिक टूल्स, डेटा एनेलिसिस साफ्टवेयर आदि की व्यवस्था की गई है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि अब तक NCCRP पोर्टल पर कुल 49779 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका निस्तारण संबंधित जिलों व साइबर क्राइम थानों की ओर से कराया जा रहा है।
फर्जी वेबसाइट के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरफ्तार: वास्तविक से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह को साइबर क्राइम यूपी की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपित नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को झांसे में लेकर उनके खाते की जानकारी हासिल कर रुपये हड़प लेते थे। पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गिरोह के सरगना समेत तीन लोगों को पकड़ा गया है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया है कि उन्होंने आनलाइन जाब पोर्टल से नौकरी तलाश करने वाले लोगों का डेटा प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद वास्तविक वेबसाइट की जगह फर्जी वेबसाइटके माध्यम से लोगों खातों का गोपनीय डाटा चोरी करते थे। गिरफ्तार किए गए भरत नगर दिल्ली निवासी अमर श्रीवास्तव, मुदित शर्मा और कल्याणपुर कानपुर निवासी विष्णु शर्मा ने साउथ सिटी निवासी दीपा यादव से भी एक लाख रुपये हड़प लिए थे। दीपा ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की थी। पड़ताल के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपितों को दबोच लिया। पूछताछ में तीनों ने बताया कि उन्होंने रोहिणी दिल्ली में किराए का फ्लैट लेकर फर्जीवाड़ा शुरू किया था। दीपा से भी ठगों ने फोन पर बात कर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। आरोपितों के पास से दो लैपटाप, 11 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड व वेबसाइट डाटा समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं। आरोपितों ने वेबसाइट ऐसे डिजाइन की थी, जिससे वह लोगों की बैंक संबंधी हासिल कर सकें।