1,222 आक्सीजन संयंत्र 15 अगस्त से पहले शुरू होने की संभावना

नई दिल्ली। आवासीय एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि पीएम-केयर्स फंड के तहत 1,222 प्रेशर स्विंग अब्जार्पशन (पीएसए) आक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्वीकृति किए गए हैं और उनके 15 अगस्त से पहले शुरू होने की संभावना है। वर्तमान में 300 पीएसए संयंत्र काम कर रहे हैं।
सीआइआइ द्वारा आयोजित रियल इस्टेट कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए दुर्गा शंकर ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से प्रापर्टी सेक्टर काफी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर काफी हद तक नियंत्रित हो चुकी है और अब संभावित तीसरी लहर के बारे में बात और आशंका जाहिर की जा रही है।
दुर्गा शंकर ने कहा कि सरकार ने पिछले साल कोरोना की पहली लहर का प्रसार नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए थे जिनमें मार्च, 2020 में लगाया गया राष्ट्रीय लाकडाउन शामिल था। तब देश के पास इस महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त वेंटीलेटर्स, पीपीई किट्स और दवाएं नहीं थीं। इसके बावजूद पहली लहर के दौरान जिस तरह महामारी को नियंत्रित किया गया वो उल्लेखनीय है। भारत ने न सिर्फ घरेलू मांग को पूरा किया बल्कि अन्य देशों को भी चिकित्सकीय आपूर्ति उपलब्ध कराई।
अप्रैल, 2021 में आई दूसरी लहर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले प्रतिदिन चार लाख तक पहुंच गए थे जो पहली लहर में करीब एक लाख प्रतिदिन थे। इस दौरान आक्सीजन आपूर्ति की कमी थी, लेकिन देश ने जिस तरह से इसका सामना किया वह उल्लेखनीय है। आक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए आक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गईं और वायुसेना की सेवाएं भी ली गईं। आक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने में उद्योग जगत के योगदान का उल्लेख करते हुए दुर्गा शंकर ने कहा कि हम इस बड़ी दूसरी लहर को तीन महीने में नियंत्रित करने में सफल रहे।