समाजसेवियों के प्रयास से असहाय प्रवासी युवक को मिला नया जीवन

-मानवता की मिसाल—असहाय प्रवासी को मिली सहायता, चेहरे पर लौटी मुस्कान

-नवी मुंबई में बीमार व बेसहारा पड़े टिहरी निवासी युवक को मिला सहारा, परिजन जल्द ले जाएंगे घर

नवी मुंबई, वीरेन्द्र सिंह भण्डारी: नवी मुंबई के सानपाड़ा स्टेशन के सामने बालाजी टावर, सेक्टर-30 के पास कई दिनों से असहाय, बीमार और दयनीय अवस्था में पड़े उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल जनपद के घनसाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फलेंडा, पट्टी नैलचामी निवासी एक प्रवासी युवक के जीवन में आखिरकार आशा का उजाला लौट आया है। यह परिवर्तन किसी चमत्कार से कम नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता, संवेदनशीलता और सेवा-भाव का जीवंत उदाहरण है।
जब इस पीड़ित युवक की स्थिति की सूचना समाज के सजग लोगों और पहाड़ी प्रवासी सोसायटी एवं संस्था के जिम्मेदार पदाधिकारियों तक पहुँची, तो मानवीय कर्तव्य का परिचय देते हुए उन्होंने तुरंत कदम उठाया। संस्था के अध्यक्ष  हयात सिंह राजपूत के नेतृत्व में समाजसेवियों और स्थानीय सहयोगियों ने अथक प्रयास कर न केवल उसे सुरक्षित स्थान और उपचार दिलाया, बल्कि उसके जीवन में फिर से उम्मीद की किरण जगा दी। श्री राजपूत के अनुसार उचित देखभाल और इलाज मिलने से वह शीघ्र ही स्वस्थ हो सकेगा।
इस संवेदनशील घटना की जानकारी 10 फरवरी 2026 को मुंबई के कंजूर मार्ग निवासी  जीवनसिंह भण्डारी के माध्यम से प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित समाजसेवियों को अवगत कराया गया और तत्परता से राहत कार्य प्रारंभ हुआ। उल्लेखनीय है कि उस समय मैं स्वयं अपने मूल स्थान उत्तराखण्ड के पृथक गाँव सरूणा में था, जहाँ से मैंने उसके परिचितों व परिजनों से संपर्क स्थापित कर स्थिति से अवगत कराया। परिजनों ने आश्वासन दिया है कि वे शीघ्र ही मुंबई पहुँचकर उसे अपने साथ घर ले जाने की व्यवस्था करेंगे।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि संवेदना और सहयोग की भावना आज भी समाज में जीवित है। जब इंसानियत जागती है तो असहायता हार जाती है और जीवन फिर से मुस्कुराने लगता है। समाज के उन सभी सेवाभावी हाथों को विनम्र नमन, जिनकी बदौलत एक बुझती उम्मीद फिर से प्रज्वलित हो उठी।

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