-यूआईआईडीबी के ढांचे में अतिरिक्त 14 नवीन पद होंगे सृजित
-वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट होगा विधानसभा में पेश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में 28 प्रस्तावों पर मुहर लगी। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने वाले बजट पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति जाता दी है। पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल बजट में 10 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में इस साल 1.11 लाख करोड़ रुपए का बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। मंत्रिमंडल ने बजट में संशोधन किए जाने संबंधित निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत कर दिया है।
धामी कैबिनेट बैठक लिए गए निर्णयों में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट होगा पेश करने को मंजूरी दी गई है। यूआईआईडीबी के ढांचे में अतिरिक्त 14 नवीन पद ऑन को सृजित किए जाने और पूर्व से सृजित सहायक महाप्रबंधक लेखा व लेखाकर का पदनाम व ऑफिस बॉय का मानदेय परिवर्तित किए जाने को भी मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालय जहां पर नियमित प्रचार योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के तहत स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड की पुस्तकालय योजना को मंजूरी दी गई है। उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन पर कैबिनेट ने संशोधन को मंजूरी दी है। शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश के सभी 11 नगर निगमन में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित किए जाने को मिली मंजूरी। संविदा के आधार पर पर्यावरण अभियंताओं की भर्ती होगी। सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 को मंजूरी मिली है। मौन पालन नीति 2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान- बाल पालाश योजना के तहत 3 से 6 साल उम्र के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में नवीन सामग्रियों को शामिल किए जाने का निर्णय ले लिया गया है। मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में संशोधन को भा कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब अंडा, दूध और केला के अलावा अन्य पोषक खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का 24वां वार्षिक प्रतिवेदन को सदन का पटल पर रखने को मंजूरी मिली है। उत्तराखंड राज्य में माल एवं सेवा कर अपीलीय अधिकरण की राज्यपीट को देहरादून में यथावत रखने के साथ ही हल्द्वानी में एक अतिरिक्त राज्यपीठ या सर्किट बेंच की स्थापना को मंजूरी मिली है। उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक को विधानसभा में पुनर्स्थापित करने को मंजूरी मिली है। सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को औद्योगिक विकास से ट्रांसफर कर वित्त विभाग के अंतर्गत गठित करने पर कैबिनेट ने मोहर लगाई है। विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम के क्रियान्वयन को मंजूरी मिली है।
इसके अलावा धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड में उपचारित जल के सुरक्षित पुन उपयोग के लिए नीति 2026 को मंजूरी दी है। साथ ही उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह क और ख के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में उत्तराखंड चकबंदी अधिष्ठान के तहत बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी के एक निसंवर्गीय पद के सृजन को भी मंजूरी मिली है। उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियम एवं सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में पुनर्स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी मिली है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान 32 मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें से 28 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। बैठक के दौरान आगामी विधानसभा बजट सत्र में पेश होने वाले बजट पर भी चर्चा की गई। मंत्रिमंडल ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी है। बजट में संशोधन करने की जरूरत संबंधी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत कर दिया है।
कैबिनेट बैठक में उत्तराखण्ड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाईल स्टोन क्रेशर, मोबाईल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराईजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा (तृतीय संशोधन) नीति 2024 में हॉट मिक्स प्लांट की स्थापना के लिए दूरी के मानकों में संशोधन को मंजूरी दी है। उत्तराखण्ड राज्य की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के आदर्श नियम, 2016 के नियम 87 (1) के तहत गठित राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष को 5000 रुपये प्रति बैठक और गैर सरकारी संगठनो से नामित 2 सदस्यों को 3000 रुपये प्रति बैठक मानदेय दिये जाने को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिक व मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के पदों के संरचनात्मक ढांचे में लिपिक व मिनिस्ट्रीयल सवर्ग का पुर्नगठन किए जाने को मंजूरी मिली है।
देहरादून जिले के विकासनगर, उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर और नैनीताल जिले के मुख्यालय में, यानी कुल 03 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना और संबंधित फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए पदों के सृजन को मिली मंजूरी। नैनीताल हाईकोर्ट के लिए 01 और जिला न्यायालयो के लिए 13, यानी कुल 14 न्यायालय प्रबंधकों (कोर्ट मैनेजर) के नए पदों को सृजित किए जाने पर बनी सहमति।
विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखंड में बेहतर सर्विस डिलीवरी के लिए पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट को मजबूत करना के कियान्वयन के लिए स्टीयरिंग कमेटी व प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट का गठन और प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट के लिए पदों के सृजन को मिली मंजूरी। उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधो का संशोधन) विधेयक 2026 को मिली मंजूरी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में तदर्थ, अनुबन्ध, संविदा व आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत 04 विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों के सापेक्ष नियमित नियुक्ति को मंत्रिमंडल की मिली मंजूरी।
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