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उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल

 ब्रह्मकमल को अलग-अगल जगहों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे उत्तरखंड में ब्रह्मकमल, हिमाचल में दूधाफूल, कश्मीर में गलगल और उत्तर-पश्चिमी भारत में बरगनडटोगेस नाम से इसे जाना जाता है। ब्रह्मकमल भारत के उत्तराखंड, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश, कश्मीर में पाया जाता है। भारत के अलावा यह नेपाल, भूटान, म्यांमार, पाकिस्तान में भी पाया जाता है। ब्रह्मकमल का अर्थ है ...

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सीडीएस फाउंडेशन ने चारधाम क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के रुझान पर जारी की रिपोर्ट

-2023 में 80 लाख पर्यटक चारधाम यात्रा क्षेत्र में देहरादून। एसडीसी फाउंडेशन ने राज्य के चारधाम और इससे लगते क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों के रुझान को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। ‘एनालाइजिंग द टूरिस्ट पैटर्न इन चारधाम रीजन ऑफ उत्तराखण्ड’ शीर्षक से यह रिपोर्ट भारतीय सांख्यिकी संस्थान बेंगलुरु की छात्रा अभिति मिश्रा ने एसडीसी के सह संस्थापक आशुतोष ...

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टिहरी के नेल्डा गांव निवासी एयर वाइस मार्शल विजयपाल सिंह राणा बने वायुसेना में महानिदेशक

टिहरी। एयर वाइस मार्शल विजयपाल सिंह राणा को भारतीय वायुसेना में महानिदेशक की जिम्मेदारी मिलने पर टिहरी जिले के लोग खासे उत्साहित हैं। वायु सेना में इस पद पर पहुंचने वाले राणा टिहरी के पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने एक जनवरी को महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। प्रतापनगर नेल्डा गांव निवासी विजयपाल सिंह राणा की प्रारंभिक शिक्षा धारमंडल प्रतापनगर, माध्यमिक ...

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परियों का रहस्यमय देश खैट पर्वत

  देहरादून, गढ़ संवेदना न्यूज । खैट पर्वत वनदेवियों, अप्सराओंद् का प्रमुख निवास स्थल है। देवलोक से भू.लोक तक रमण करने वाली ये परियां हिमालय क्षेत्र में वनदेवियों के रूप में जानी जाती हैं। गढ़वाल क्षेत्र में वनदेवियों को आछरी.मांतरी के नाम से जाना जाता है। कठित भौगोलिक परिस्थितियों के बीच किसी प्राकृतिक आपदा व अनर्थ से बचने के लिए ...

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यह  है उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा मंदिर समूह

 देहरादून, गढ़ संवेदना। यह राज्य का सबसे बड़ा मंदिर समूह है। देवदार के वृक्षों के बीच संकरी घाटी में स्थित है। आठवीं से दसवीं शती में निर्मित इन कलात्मक मंदिरों का निर्माण कत्यूरी राजा शालिवाहन देव ने कराया था। यहां जागनाथ, महामृत्युंजय, पंचकेदार, डंडेश्वर, कुबेर, लक्ष्मी पुष्टि देवी के मंदिर प्रमुख हैं। यहां का सबसे प्राचीन मंदिर मृत्युंजय मंदिर व सबसे विशाल ...

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फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उत्तराखंड तेजी से उभर रहाः ऋचा चड्ढा, कहा यहां की हवा और शांत माहौल हमेशा याद आता

देहरादून। फिल्म अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने कहा कि मुंबई बॉलीवुड फिल्मों का पावर सेंटर है, लेकिन अब उत्तराखंड भी तेजी से उभर रहा है। पिछले साल कुछ प्रोड्यूसर से मिली थी। उनके माध्यम से उन्हें उत्तराखंड में फिल्म निर्माण में सब्सिडी देने की बात का पता चला था। शनिवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में मार्क्स एंड स्पेंसर के ...

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पाताल भुवनेश्वर गुफा: 33 कोटि देवता निवास करते हैं यहां

देहरादून। पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इसके रास्ते में दिखाई देती हैं धवल हिमालय पर्वत की नयनाभिराम नंदा देवी, पंचचूली, पिंडारी, ऊंटाधूरा आदि चोटियां। प्राचीनतम ग्रन्थ स्कन्द पुराण में वर्णित पाताल भुवनेश्‍वर की गुफ़ा के सामने पत्थरों से बना एक-एक शिल्प तमाम रहस्यों को खुद में समेटे हुए है। ऐसा माना जाता है कि यहां 33 ...

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महासू देवता मंदिर: राष्ट्रपति भवन से आती है यहां नमक की भेंट

देहरादून। महासू देवता भगवान शिव के रूप हैं। महासू देवता जौनसार बावर क्षेत्र के ईष्ट देव हैं। यहां हर साल दिल्ली से राष्ट्रपति भवन से नमक की भेंट आती है। महासू देवता मंदिर हनोल में आस्‍था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। 9वीं शताब्दी में बनाया गया महासू देवता का मंद‌िर काफी प्राचीन है। मिश्रित शैली की स्थापत्य कलामंदिर में ...

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बूढ़ाकेदार: सबसे प्राचीन केदार

देहरादून। बूढ़ाकेदार सबसे प्राचीन केदार है। जब सड़क सुविधा नहीं थी, तब केदारनाथ धाम पहुंचने का यही पैदल मार्ग था और केदारनाथ धाम की यात्रा से पहले बूढ़ा केदार के दर्शन जरूरी थे। बूढ़ा केदार धाम बाल गंगा व धर्म गंगा नदी के मध्य स्थित है। पुराणों में उल्लिखित है कि गोत्र हत्या से मुक्ति पाने के लिए पांडव जब इस ...

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52 गढ़ों का देश गढ़देश

  गढवाल को कभी 52 गढ़ों का देश कहा जाता था। तब गढ़वाल में 52 राजाओं का आधिपत्य था। उनके अलग अलग राज्य थे और वे स्वतंत्र थे। इन 52 गढ़ों के अलावा भी कुछ छोटे छोटे गढ़ थे जो सरदार या थोकदारों (तत्कालीन पदवी) के अधीन थे। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने इनमें से कुछ का जिक्र किया था। ह्वेनसांग ...

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