Editorial

उत्तराखंड में नशे की जकड़़ में युवा पीढ़ी

उत्तराखंड में नशाखोरी की जड़ें तेजी से फैलती जा रही हैं। युवा पीढ़ी नशे के दल-दल में फंसती जा रही है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण ही अपराध भी बढ़ रहे हैं। सरकार ने यदि युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो स्थिति भयावह हो सकती है। नशे ...

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ज्ञान कुंभः उच्च शिक्षा की रचनात्मक पहल

—देव कृष्ण थपलियाल—- उच्च शिक्षा में नवाचार व गुणवत्ता सुधार को लेकर विगत 3-4 नवम्बर को हरिद्वार में ज्ञान कुंभ का आयोजन हुआ, जिसमें अनुमान था, की देश के ताकरीबन सभी (903) विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, प्रमुख शैक्षिणिक संस्थानों के मुखियाओं के साथ-साथ सभी राज्यों के उच्च शिक्षा मंत्रियों, सचिवों व तमाम शिक्षाविदों की उपस्थिति होगी, जिस कारण इस संख्या का ...

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तरक्की के लिए आई0सी0यू0 में भर्ती अपना ’हैप्पी’नैस ?

–देव कृष्ण थपलियाल (राठ महाविद्यालय पैठाणी पौड़ी)—  अपनें देश के खाते में बडी से बडी उपलब्धि और हैरान करनें वाले करतब व अविष्कार ना भी हों, तो भी गम नहीं ? परन्तु इस बात का फक्र हर देशवासी को जरूर है, की देश- दुनियाॅ को मानवीय मूल्यों के प्रति सजग, संवेदनशील और ’जीवेत शरदं शतम्’ का पाठ पढानें वाला देश ...

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हमारी आदतें बदली जा सकती 

हमारी आदतें बदली जा सकती हैं। इसलिए यह मान्यता गलत है कि आदतें नहीं बदली जा सकती हैं। आज हम यह कह कर अपनी आदत नहीं बदल पाते हैं कि अब हमें इस बात की आदत पढ़ गयी है। जब तक हम एक बार प्रयास नहीं करते तब तक हमें यह नहीं पता चलेगा कि आदतें बदली जा सकती अथवा ...

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हम अपनी जिम्मेदारी को प्रेसर का नाम नहीं दे सकते 

हमें अपने प्रेसर को एडिक्सन का नाम नहीं देना है। हम अपनी जिम्मेदारी को प्रेसर का नाम नहीं दे सकते हैं। हमें इस एडिक्सन से बाहर निकलना है। इसलिए हम एडिक्सन से बाहर निकलने के बारे में सोचें। हम जिस स्थिति में हैं, उसके बारे में ने सोचें बल्कि हमें जो बनना है उसके बारे में सोचें। मुझसे सिगरेट नहीं ...

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परीक्षा को उत्सव के रूप में मनाया जाय-परीक्षा पर चर्चा-प्रधानमंत्री मोदी के साथ

प्रधानमंत्री मोदी  ने परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रकाश डाला है। यह परीक्षा स्कूल परीक्षा न होकर सम्पूर्ण जीवन की परीक्षा से सम्बन्धित था। सम्पूर्ण कथन आज के ज्वलंत पैरेंटिंग की समस्या से सम्बन्धित था। बच्चों का सकारात्मक एवं सत्त विकास कैसे सम्भव हो इस पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में ...

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तीन तलाकः आगे हो और विचार

सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत के फैसले से तीन तलाक की प्रथा को खत्म कर दिया है। संविधान पीठ के पांच में से तीन जजों ने कहा कि एक बार में तीन तलाक बोल कर पत्नी को छोड़ देने की प्रथा महिलाओं की गरिमा और उनके अधिकार के खिलाफ है। तीन जजों ने इसे गैर इस्लामिक  भी कहा और असंवैधानिक घोषित ...

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मोदी का संबोधन और सवाल

आजादी के सत्तर साल पूरे होने के कारण इस बार का स्वाधीनता दिवस कुछ खास था, और स्वाभाविक ही अपेक्षया अधिक जोश-खरोश से मनाया गया। इस दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन कुल मिला कर अवसरोचित ही कहा जाएगा। पहली बार जब उन्होंने स्वाधीनता दिवस पर देश को संबोधित किया था तो उसमें एक नवीनता ...

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भारतीय राजनीति का भाजपा युग

भारतीय राजनीति ने कई पार्टियों का राज देखा है और कई तरह के उतार चढ़ाव भी देखे हैं। आजादी के बाद पहले तीन दशक तक कांग्रेस युग देखा है तो उसके बाद कांग्रेस का पराभव, समाजवादी युग, गठबंधन का दौर और भाजपा युग का आगाज देखा है। भारतीय राजनीति के मौजूदा दौर को भाजपा युग कहा जा सकता है। वैसे ...

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गांधीजी का नाम कब तक भुनेगा ?

गांधीजी ने अपने बच्चों को सोच-समझ कर आधुनिक, पश्चिमी शिक्षा-पद्धति में नहीं डाला था। किंतु एकाध अपवाद छोड़ दें तो आज उन के अधिकांश वंशज पश्चिमी रंग में रंगे हुए हैं। उन में से कोई भी महात्मा गाँधी की अपेक्षाओं या आदर्शों पर नहीं चला। अभी उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार गोपालकृष्ण गाँधी को महात्मा गाँधी के पौत्र के रूप में प्रस्तुत किया ...

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