हाईकोर्ट के आदेश का चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने किया स्वागत

हरिद्वार। राज्य आंदोलनकारियों के पहचान पत्र मामले में हाई कोर्ट द्वारा संज्ञान दिए जाने पर राज्य सरकार को राज्य आंदोलनकारियों के पहचान पत्र जारी करने के प्रत्यावेदन को 3 सप्ताह में निस्तारित करने के आदेश का चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने स्वागत किया है। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि  चिन्हित करण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हित करण की मांग को लेकर समिति ने लगातार आंदोलन करने के एवं सैकड़ों ज्ञापन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को दिए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री धृतराष्ट्र की तरह वह कुंभकरण की तरह अनसुनी करने पर हमारे पास एक ही हाई कोर्ट का विकल्प बचा हुआ था। पांडे ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों के निराकरण कराने को लेकर समिति राज्य के 13 जनपदों से हाई कोर्ट में वाद दायर करेगी। उन्होंने बताया कि समिति की हरिद्वार जनपद की चिन्हित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सतीश जैन, जिला महामंत्री शमशेर खान उत्तराखंडी ने भी हाईकोर्ट में वाद दायर करने पर हाई कोर्ट ने हरिद्वार जिलाधिकारी से 3 सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। पांडे ने कहा कि इसी तरह बागेश्वर खटीमा से भी वाद दायर किए जा चुके हैं, उन्होंने कहा कि देहरादून से लगभग 1000 पिथौरागढ़ से 83 खटीमा से 253 सितारगंज से 79 पौड़ी जनपद से 213 अल्मोड़ा के 50 जनपद हरिद्वार से 300 उत्तरकाशी के साथ जनपद टीवी से लगभग 40 और इसी तरीके से राज्य के अनेकों शहरों के अनेकों राज्य आंदोलनकारी चिन्हित करण से वंचित है। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि समिति अपने प्रत्येक जनपदों के जिला अध्यक्षों से वंचित राज्य आंदोलनकारियों की सूची मांग रही है, ताकि कोर्ट को सूचि प्रस्तुत की जा सके और कोर्ट के माध्यम से राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगों के निराकरण के लिए वाद दायर किया जा सके। पांडे ने कहा कि शीघ्र ही समिति कुमाऊं मंडल के राज्य आंदोलनकारियों  का एक मंडलीय सम्मेलन खटीमा में समिति के खटीमा अध्यक्ष भूपेंद्र भंडारी आयोजित करने जा रहे हैं। जिसमें सर्वसम्मति से आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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