सड़क दुर्घटनाएं विकास की गति को प्रभावित कर रही: डाॅ. बी. के. एस. संजय

-शराब के साथ वाहन चलाना बहुत खतरनाकः डाॅ. रणवीर सिंह 
-युवा न केवल अपने परिवार की धरोहर हंै बल्कि अपने पूरे समाज और देश कीः डाॅ. गौरव संजय
 
देहरादून। हमारा देश विकास कि ओर अग्रसर हो रहा है, लेकिन सड़क दुर्घटनाएं विकास की गति में एक रोडे़ का काम कर रही हैं। हमारे देश में लगभग पाँच लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हो रही है और जिसमें लगभग डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है। यह विचार गिनीज एवं लिम्का बुक रिकार्ड होल्डर आॅर्थोपीडिक सर्जन डाॅ. बी. के. एस. संजय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 4-10 फरवरी के उपलक्ष में जन जागरूकता अभियान के समापन समारोह के दौरान अपने संबोधन में संजय आॅर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेन्टर जाखन देहरादून में व्यक्त किए। 
इस कार्यक्रम का शुभारम्भ उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के करकमलों द्वारा दीपप्रज्वलित कर किया गया। इसमें आई.ए.एस. राणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार, डाॅ. के.के. रैना, कुलपति डी.आई.टी. युनिवर्सिटी, देहरादून, डाॅ. सतीश माधव, डाॅ. सुशील सिंघल, जी.आर.डी. काॅलेज, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा.ॅ सुजाता संजय, समाजसेवी योगेश अग्रवाल, पार्षद दया जोशी, सेवा सोसाइटी के सचिव डाॅ. प्रतीक संजय और सेन्टर के आॅर्थोपीडिक सर्जन डाॅ. गौरव संजय मौजूद रहे। डाॅ. गौरव संजय ने एक वीडियो प्रस्तुत के माध्यम से बताया कि कैसे पलक झपकते ही दुर्घटना हो जाती है। डाॅ. गौरव संजय ने सलाह दी कि सड़क सुरक्षा के लिए दुपहिया चालकों को हैलमेट के लगाने और चार पहिए वाहनों में सीट बैल्ट लगाने से तथा वाहन चलाते समय फोन पर बात न करने से काफी हद तक जानलेवा दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। उन्होनें एक फिल्म के माध्यम से हाँगकाँग में किए गए प्रयोग से दर्शाया कि केवल सड़क दुर्घटना इतनी ही देर में हो जाती है जितनी देर में हम फोन को उठाते हैं, नम्बर देखते हंै, फिर मैसेज देखते हैं, या हाय  हेलों करते हैं, जिसमें कि केवल 5-6 सैकेण्ड लगते हैं। डाॅ. गौरव ने इस बात की ओर जोर दिया कि क्या कोई भी फोन काॅल इतनी महत्वपूर्ण हो सकती है जितनी कि चालक का जीवन? क्योंकि कहा भी गया है ’जान है तो जहान है’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि हमारे जैसे युवा न केवल अपने परिवार कि धरोहर हंै बल्कि अपने पूरे समाज और अपने देश की। हमें हर हालत में इस धरोहर को बचाना चाहिए, क्यांेकि मेरा मानना है कि स्वास्थ्य केवल सम्पत्ति ही नहीं बल्कि एक संसाधन है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यशपाल आर्य कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि नवयुवक हमारे देश का भविष्य है उन्हें अपनी जाने लापरवाही से सड़क दुर्घटनाओं में नहीं गवानी चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अपर मुख्य सचिव डाॅ. रणवीर सिंह ने आये हुए छात्र-छात्राओं से अपील की कि उन्हें शराब तथा नशे की दवाईयों को प्रयोग के तौर पर भी सेंवन नहीं करनी चाहिए और इनके आदी न बनें। कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि डाॅ. के.के. रैना ने आये हुए अतिथि से निवेदन किया कि जहाँ तक संभव हो, हम  बेटियों को मोबाइल न दें और बेटों को बाईक न दे। 

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