सपने वो होते हैं जो सोने नहीं देतेः घिल्ड़ियाल 

-राइंका जगतोली पहुंचकर डीएम ने छात्रों को दिए टिप्स
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने राइंका जगतोली में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को कैरियर टिप्स दिए। अब्दुल कलाम के कोट से लक्ष्य को परिभाषित किया कि सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं। सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। उन्होंने छात्रों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
कहा कि आपके गोल्स का स्मार्ट होना भी जरूरी है। आपके गोल्स पावरफुल हैं तो वे खुद-ब-खुद स्मार्ट हो जाएंगे। स्मार्ट गोल्स का मतलब है कि आपके गोल बिलकुल स्पष्ट होने चाहिए। गोल्स के लिए एक निश्चित समय भी विभक्त करें। डेडलाइन तय कर गोल्स को समय पर अचीव किया जा सकता है। गोल्स सेट करते समय अपने कैरियर और लाइफ का ध्यान रखें। उसी के अनुसार गोल्स बनाएं। इससे एक ही तरह के लक्ष्य जल्दी हासिल होंगे। सफलता के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करें। गोल्स सेटिंग के दौरान इस स्टेप को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्ष्यों की सफलता के लिए एक्शन प्लान पर विचार करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए हर एक स्टेप के बारे में लिखें कि आपको किस तरह से काम करना है। हर स्टेप को पूरा करने के बाद उसे डायरी में अवश्य लिखें। इस तरह आपको यह भी पता चलेगा कि कहां कमियां रह गई हैं और कैसे दूर किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को अपनी सफलता की कहानी भी विस्तार से बताई।
-राइंका जगतोली पहुंचकर डीएम ने छात्रों को दिए टिप्स
रुद्रप्रयाग, आजखबर। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने राइंका जगतोली में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को कैरियर टिप्स दिए। अब्दुल कलाम के कोट से लक्ष्य को परिभाषित किया कि सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं। सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। उन्होंने छात्रों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
कहा कि आपके गोल्स का स्मार्ट होना भी जरूरी है। आपके गोल्स पावरफुल हैं तो वे खुद-ब-खुद स्मार्ट हो जाएंगे। स्मार्ट गोल्स का मतलब है कि आपके गोल बिलकुल स्पष्ट होने चाहिए। गोल्स के लिए एक निश्चित समय भी विभक्त करें। डेडलाइन तय कर गोल्स को समय पर अचीव किया जा सकता है। गोल्स सेट करते समय अपने कैरियर और लाइफ का ध्यान रखें। उसी के अनुसार गोल्स बनाएं। इससे एक ही तरह के लक्ष्य जल्दी हासिल होंगे। सफलता के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करें। गोल्स सेटिंग के दौरान इस स्टेप को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्ष्यों की सफलता के लिए एक्शन प्लान पर विचार करना बहुत जरूरी होता है। इसलिए हर एक स्टेप के बारे में लिखें कि आपको किस तरह से काम करना है। हर स्टेप को पूरा करने के बाद उसे डायरी में अवश्य लिखें। इस तरह आपको यह भी पता चलेगा कि कहां कमियां रह गई हैं और कैसे दूर किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को अपनी सफलता की कहानी भी विस्तार से बताई।

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