राज्यपाल का अभिभाषणः सरकार की उपलब्धियों का किया गुणगान

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का शुभारंभ राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के अभिभाषण के साथ हुआ। अभिभाषण में राज्यपाल ने सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों का गुणगान किया। 43 पृष्ठ के अपने अभिभाषण की शुरुआत राज्यपाल ने सरकार की मौजूदा प्राथमिकताओं को गिनाते हुए की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकेंद्रित विकास तथा सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को लेकर राज्य को विकसित राज्य की श्रेणी में ले जाना है। सरकार संकल्पों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के साथ ही प्रौद्योगिकी की मदद से कर्मचारियों, पेंशनरों, व्यापारियों समेत समाज के तमाम तबकों को पहुंचाई जा रही सेवाओं का विस्तार से उन्होंने जिक्र किया।

राज्यपाल ने बताया कि भारतीय सेना एवम अर्धसैनिक बलों के शहीद सैनिकों के आश्रितो को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जनसामान्य की सुविधा के लिए वेबसाइट बनाई गई। राज्य के नियोजित विकास के लिए विजन 2030 तैयार किया गया है। कोषागार के माध्यम से किए जाने वाले सभी लेन-देन आॅनलाइन कर प्रदेश की भौगौलिक परिस्थितिया को देखते हुए राज्य में ई स्टांप योजना लागू की गई है। कोषागार पोर्टल की सहायता से सभी आहरण-वितरण अधिकारी विभागध्यक्ष शासन के प्रशासनिक विभागों द्वारा अपने विभाग से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने एवं समस्त कार्मिकों और पेंशनरों द्वारा अपने से संबंधित सूचनाएं डाउनलोड किए जाने की व्यवस्था तैयार की गई है। जीएसटी की परिधि से बाहर रखे वस्तुओं पेट्रोल, डीजल, एटीएफ एवं नेचुरल गैस और मदिरा उत्पादों पर एक हजार दो सौ बारह करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। स्थानीय उत्पादों रिंगाल, रामबाण पर आधारित उत्पादों पर कर की दर 18 प्रतिशत से कम करते हुए 5 प्रतिशत की गई है। गुड़ को कर मुक्त श्रेणी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है। पंजीकृत व्यापारियों की मृत्यु की दशा में मृतक आश्रित को तत्कालिक आर्थिक सहायता के रूप में पांच लाख रूपये भुगतान करने की व्यवस्था की गई है । राज्य के नियोजित विकास को विजन 2030 तैयार किया गया है। सरकारी विभागों से प्राप्त की जाने वाली सूचनाओं को पेपरलैस तो किया गया, साथ में नियमित अनुश्रवण व समीक्षा के लिए ई-आकलन पोर्टल तैयार किया गया है। विकास के लिए नीति नियोजन को प्रभावी, उपयोगी और व्यावहारिक बनाने को उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस का गठन किया गया है। राज्य की उच्च विकास दर बनाए रखने को उद्योगों को बढ़ावा देने, इन्वेस्टर्स समिट के जरिये अब तक 9687 करोड़ के पूंजी विनियोजन प्रस्तावों के माध्यम से प्रदेश में 38 हजार लोगों को रोजगार देने की उम्मीद जताई गई है। इसी तरह पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने को पर्यटन महकमे की होम स्टे योजना को बड़ी पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। राज्यपाल ने बताया कि चारधाम परियोजना के लिए ऑलवेदर रोड के तहत 346 किमी लंबे 31 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 18 कार्य पूरे किए जाने प्रस्तावित हैं। राज्य के सभी कार्मिकों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) की व्यवस्था, सर्विस बुक, वेतन पर्ची व अन्य अभिलेख किए जा रहे ऑनलाइन। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना लागू, मृतक आश्रित को पांच लाख भुगतान की व्यवस्था। राज्य के नियोजित विकास को विजन 2030 तैयार, विभागीय कार्यों की समीक्षा को ई-आकलन पोर्टल तैयार। किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य, राज्य को जैविक प्रदेश बनाने की दिशा में कदम बढ़े सेना व अर्द्धसैनिक बलों के शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में अनुकंपा के आधार पर सेवायोजन। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड के तहत परिवारों के लिए गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी। सीएम डैशबोर्ड-उत्कर्ष के माध्यम से राज्य परियोजनाओं का अनुश्रवण व मूल्यांकन। बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा में सोमवार को विपक्ष  के  हंगामे और वॉकआउट के बीच राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने अपना पहला अभिभाषण पेश किया। बाद में विधानसभा स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने अभिभाषण का वाचन किया।

 

खांसी न रूक पाने के कारण राज्यपाल नहीं पढ़ पाई पूरा अभिभाषण

देहरादून। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य अभिभाषण के दौरान खांसी न रूक पाने के कारण अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ पाईं। जब उन्हें खांसी शुरु हुई तो रूक नहीं पाई। उन्हें लगातार खांसी होती रही। काफी देर तक वे खांसी के बीच ही अभिभाषण पढ़ती रहीं, उन्होंने दो-तीन बार पानी भी पिया लेकिन जब खांसी नहीं रूक पाई तो सचिव व उनके परिसाहय ने उन्हंे सलाह दी कि अभिभाषण का अंतिम पेज पढ़कर इसे समाप्त कर दें। फिर राज्यपाल ने अभिभाषण के अंतिम पेज पढ़कर औपचारिकता पूरी की। 10.55 बजे राज्यपाल ने अभिभाषण शुरु किया, विपक्ष के हंगामे के बीच उन्होंने अपना अभिभाषण जारी रखा। विपक्ष के सदन से बहिर्गमन करने के कुछ देर बाद राज्यपाल को खांसी शुरु हुई जो कि फिर लगातार होती रही। राज्यपाल ने जब अभिभाषण का अंतिम पेज पढ़कर औपचारिका पूरी की तो स्पीकर ने सदन अपरान्ह तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन सदन की कार्यवाही शुरु होने के बाद स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण का पाठ किया।

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