लोकगायक स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी के जन्मदिन पर कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। सुप्रसिद्ध लोकगायक स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी के जन्मदिन के अवसर पर रविवार को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें उत्तराखण्ड के लोक कलाकरों ने भी शिकरत कर बाबू गोस्वामी को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। रविवार को यहां हिन्दी भवन मंे कुमांयू के सुप्रसिद्ध लोकगायक व गीतकार स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी जन्मदिन के अवसर पर देवभूमि आर्ट्स गु्रप के तत्वावधान मंे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बाल कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। बाल कलाकार केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा सात मंे पढ़ने वाली सिद्धी नौटियाल के पारमपरिक लोकगीत घुघुती न बासा गाकर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने इस गीत पर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। साथ ही अन्य कलाकारों को भी उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। इस आयोजन के अवसर पर आए उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति का भी अपना एक इतिहास है। उत्तराखण्ड की संास्कृति विरासत को बनाए और बचाए रखना लोक कलाकारों की महत्पूर्ण जिम्मेदारी है। लोक कलाकारों ने कहा कि वर्तमान मंे आधुनिकता की चमक धमक के कारण उत्तराखण्ड का युवा भी अपनी संास्कृतिक परमपराओं को पीछे छोड़ता जा रहा है। जबकि सांस्कृतिक मूल्यों की बदौलत ही उत्तराखण्ड अपनी दुनियां मेे विशेष पहचान बना सकता है। कार्यक्रम में कांता प्रसाद,राजेश चैहान, कलपना चैहान,महेश मैठानी, महेश,घनानन्द, मीना राणा आदि लोक कलाकर मौजूद थे।

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