मैक्स अस्पताल में हुई राज्य की सबसे मुश्किल कार्डियक सर्जरी 

देहरादून। मैक्स सुपर स्पेशलटी अस्पताल देहरादून ने पहली बार राज्य की सबसे मुश्किल कार्डियक सर्जरी की है। डिसेंडिंग थोरेसिक आर्योटा की एंडोवैस्कुलर रिपेयर को सबसे मुश्किल कार्डियक सर्जरी माना जाता है। यह सर्जरी केवल उन अस्पतालों में की जा सकती है जो आधुनिक ओटी, अनुभवी सर्जनों, सपोर्ट स्टाफ एवं आधुनिक उपकरणों से युक्त हों। 67 वर्षीय एक मरीज को छाती में दर्द की शिकायत के साथ अस्तपाल लाया गया, यह दर्द मरीज की पीठ की तरफ जा रहा था और मरीज असहज महसूस कर रहा था। जांच करने पर पता चला कि मरीज की आर्योटा डाई सेक्शन के साथ 10 सेंटी मीटर तक फैल गई है। इस स्थिति को डाइसेक्शन ऑफ आर्योटा कहा जाता है, यह एक घातक स्थिति हो सकती है क्यांकि इसमें शरीर की मुख्य धमनी कभी भी फट सकती है।
मरीज को सीटीवीएस विभाग में भर्ती किया गया और एंडोवैस्कुलर स्टेंटग्राफ्टिंग करने का फैसला लिया गया। यह प्रक्रिया डॉ रवि कुमार सिंह, कन्सलटेन्ट, सीटीवीएस सर्जन के नेतृत्व में कार्डियोलोजी टीम द्वारा सफलतापूर्वक की गई और मरीज को स्टेबल स्थिति में छुट्टी दे दी गई। सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ रवि कुमार सिंह ने बताया कि‘‘मरीज की आर्योटा 10 सेंटी मीटर तक फूल गई थी और इसमें क्लॉट भी था। आमतौर पर ऐसे मामलों में ओपन सर्जरी की जाती है, जिसमें जोखिम बहुत ज्यादा होता है और मरीज को ठीक होने में भी समय लगता है।’’ मरीज की स्थिति देखते हुए टीम ने एंडोवैस्कुलर स्टेंटग्राफ्टिंग करने का फैसला लिया। आर्योटा की एंडोवैस्कुलर रिपेयर एक मिनीमली इनवेसिव प्रक्रिया है जो बेहद चुनौती पूर्ण है और अनुभवी विशेषज्ञ ही इसे सफलता पूर्वक कर सकते हैं। आर्योटिक रिपेयर ओपन तरीके से भी किया जा सकता है। लेकिन एंडोवैस्कुलर प्रक्रिया में जटिलता कम होती है, इसमें छोटा चीरा लगाया जाता है और मरीज जल्दी ठीक होकर घर जा सकता है। डॉ रवि कुमार ने कहा, ‘‘यह एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है क्योंकि रिपेयर के दौरान स्पाइन कॉर्ड को खून का प्रवाह कम हो जाता है और यह पैरालिसिस का कारण बन सकता है। इसलिए बहु-आयामीटी में एक साथ मिलकर पूरी योजना बना कर सावधानी से करती हैं। प्रक्रिया से पहले और बाद की देखभाल के लिए भी पूरी योजना बनाई जाती है।’’ डॉ. संदीप सिंह तंवर, वाईस प्रेजीडन्ट-ऑपरेशन एण्ड यूनिट हैड, मैक्स सुपर  स्पेशलटी अस्पताल, देहरादून ने कहा, ‘‘मैक्स अस्पताल हमेशा से देहरादून एवं आस-पास के इलाकों के मरीजों को अन्तर्राष्ट्रीय गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में अग्रणी रहा है। हमें अपनी सीटीवीएस टीम के विशेषज्ञ डॉक्टरों पर गर्व है जिन्होंने मुश्किल कार्डियक सर्जरियो ंको सफलतापर्वूक अंजाम दिया है। मुझे यह ऐलान करते हुए बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है कि उत्तराखण्ड के निवासी अब बाय-पास सर्जरी, ट्रिपल वॉल्व रिप्लेसमेन्ट, बच्चों और व्यस्कों की हार्ट सर्जरी के बाद पुनर्वास जैसी सेवाएं अपने ही शहर में पा सकते हैं, जिनके लिए उन्हें अब तक दिल्ली जाना पड़ता था।’’

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