महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही समाजसेवी माता मंगला को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

नई दिल्लीः। नई दिल्ली के आशोका होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित समारोह में विश्व में महिला सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रही महिला शख्सियतों को अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर विश्व में स्वास्थ्य-शिक्षा से लेकर महिला सशक्तिकरण के लिए सेवा दे रही समाजसेवी माताश्री मंगला जी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। समाज सेवी माताश्री मंगला को सम्मानित करते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज बड़े हर्ष का दिन है कि पूरी दुनिया में अपने संघर्षों के माध्यम से अनगिनत लोग का मार्गदर्शन करने वाली महिला शख्सियतें हमारे बीच मौजूद है।

यह हम सब के प्रेरक भी की आप सब अपने-अपने माध्यम से दुनिया में दबे-कुचले लोगों और उन महिलाओं के हित के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। श्री प्रधान ने कहा कि माता मंगला जी एवं श्रीभोलेजी महाराज जी आज के समय में हम सब के प्रेरणास्रोत है। जिनके माध्यम देश के गरीब, दिव्यांग, अनाथ और विधवा महिलाओं का जीवन नयी दिशा की ओर बढ़ रहा है। मुझे आज आरूषि पोखरियाल ने इस अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण समारोह के मंच पर इन शख्सियतों के साथ आने का अवसर प्रदान किया। इसके लिए मैं आभार प्रकट करता हूँ। इस मौके पर हिन्दी कवि लेखक एवं गीतकार प्रसून जोशी से आरुषि पोखरियाल को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि हम एक ऐसी दुनिया में काम करते हैं। जहां हम हर पल नए-नए चरित्र गढ़ते हैं और यह चरित्र हम सब के बीच के ही होते हैं। आज की पर्दे की महिला बहुत शसख्त है। उसके संघर्ष और आगे बढ़ने की क्षमता बहुत परिपक्व है। वह हर मंच पर पुरूषों से आगे है। जिसकी एक मिसाल आप यहां भी देख सकते हैं। मैं इस अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण समारोह में मौजूद सभी महिला शख्सियतों को बधाई देना चाहूंगा कि आप सब के हौसलों से हम दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण समारोह में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित समाजसेवी माता मंगला जी ने इस पर मौजूद सभी विशिष्ट अतिथियों एवं कार्यक्रम की संयोजक आरुषि पोखरियाल का अभिवादन करते हुए कहा कि आज हम अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण सम्मेलन और सम्मान के लिए एक मंच पर आए है। मैं विश्व की सभी महिलाओं को एक मंच पर आने के आहवान के साथ अपनी बात शुरू करना चाहूंगी कि…हम सिर्फ किसी विशेष अवसर या किसी विशेष आयोजन पर ही महिलाओं के हितों की रक्षा की बात न कर हमेशा महिलाओं के हितों के लिए काम करते रहे और जो समाज में शोषित एवं पीड़ित हैं उनके साथ खड़े रहे। माताश्री मंगला जी ने कहा कि मैं आपको अवगत कराना चाहूंगी कि हम सामाजिक स्तर पर विश्व की उन तमाम महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं… जो शोषित,तिरस्कृत और समाज में अपने ही लोगों द्वारा ठुकरा दी गई है। हम उन विधवा महिलाओं के लिए एक मजबूत नींव स्थापित कर रहे हैं। जो बहुत कम उम्र में अंधेरे की आगोश में चली गई या उन्हें धकेल दिया गया। मुझे आप सभी को बताते हुए खुशी हो रही हैं कि हम अपनी संस्था… हंस फाउंडेशन… के माध्यम से विश्व में महिला-सशक्तिकरण,महिलाओं को स्वाभलंबी बनाने और स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे है…हम महिलाओं को कठपुतली उद्योग,दुग्ध योजना,पशुपालन, हथकरघा उद्योग से जोड़कर उन्हें नया परिवेश दे रहे हैं। हम भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला उत्थान की तमाम योजनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कई महत्वपूर्ण काम कर रहे है…हमने राजस्थान में कठपुतली उद्योग से ऐसी महिलाओं को जोड़ा है, जो या तो विधवा है, या दिव्यांग या फिर  समाज में फैली कुरीतियों ने इन्हें शोषित किया है। इन सब को हम स्वाभलंबी बनाकर अपने पैरों पर खड़ा हो कर चलना सीखा रहे हैं। साथ ही इनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था भी कर रहे हैं। हम आदिवासी बहुल क्षेत्रों में खुद के लिए जीवन तलाश रही महिलाओं को भी समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रहे हैं। आप जानते होंगे कि इन आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की वास्तविक स्थिति आज क्या है। हम जब इनके बीच पहुंचे तो यह इतनी डरी और सहमी थी कि अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के बारे में बात ही नहीं करना चाहती थी। लेकिन हमने बार-बार कोशिश की, इन्होंने जो डर और भय की चादर ओढ़ी थी। उसे हमने हठाया। इनके लिए सिलाई-कढ़ाई एवं बुनाई सिखाने के केन्द्र खोले और आज यही महिलाएं सिलाई ,कढ़ाई और बुनाई के माध्यम से अपने और अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है। हम विधवा एवं दिव्यांग महिलाओं को पेंशन प्रदान कर रहे हैं। इसी के साथ शिक्षा के स्तर पर इनके बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। हम ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्वरोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। जिसमें ग्रामीण महिलाओं को उनके घर में काम मिल सके और वह काम के साथ-साथ अपने घर-परिवार की देखभाल भी कर सकें। हम इनके द्वारा बनाए गए सामान के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवा रहे हैं।माताश्री मंगला जी अपने सम्बोधन के दौरान भावुक होते कहा कि मैं जब देखती हूँ कि पहाड़ के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बसे गांव की महिलाएं अपने खेत-खलिहान और पशुओं को… खुद की गंभीर से गंभीर बीमारी में भी छोड़कर अपने इलाज के लिए डाक्टर के पास नहीं जाती… क्योंकि इसके लिए उन्हें कई किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। आप उनकी सोच का दायरा देखिए कि वह अपने पशुओं को अकेले छोड़ेंगे तो उन्हें जंगली जानवरों खा जाएंगे, खेतों को जंगली जानवर नुकसान पहुंचा देंगे। जिसके चलते वह खुद की गंभीर से गंभीर बीमारी में डाक्टर तक जाती ही नहीं। ऐसे में कई बार ये महिलाएं मौत की आगोश में चली जाती है… इन ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए हमने उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में  अत्याधुनि तकनीक से लैस तीस सचल चिकित्सालय वाहन सक्रिय किए है। जिसमें डाक्टर, नर्स और हर आधुनिक स्वास्थ्य जांच उपकरण मौजूद है। इनमें मैमोग्राफी वैन भी शामिल है। जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी का शुरूआती दौर में पता लगा कर  इलाज शुरू हो जाता है। इन आधुनिक सचल चिकित्सा वाहनों से पहाड़ की महिलाओं को उनके खेत-खलिहानों में जाकर स्वास्थ्य की हर सुविधा दी जा रही है। इस मौके पर आईडब्ल्यूईयू की चेयर पर्सन और सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना आरुषी निशंक ने कहा कि कई महीनों की अथक मेहनत के पश्चात हमने यह आयोजन किया है। इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार प्रकट करती हूं। आरूषि ने कहा कि सफल व्यापार, परिवार और पुरुष की सफलता के साथ चलने वाली महिलाएं आज अपने परिश्रम, योग्यता और अपने कार्यों के बल पर पूरे विश्व में नाम कमा रही हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम से विश्व की महिलाएं प्रोत्साहित होंगी और उन्हें ऊर्जा प्राप्त होगी। विशिष्ट क्षेत्रों में कार्य करने वाली मातृशक्ति दूसरों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेंगी। इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी जी,अभिनेत्री व राजनेत्री किरन खेर, अभिनेत्री रविना टंडन, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, भारतीय महिला मुक्केबाज मैरी कॉम, भारतीय एथलीट पीटी ऊषा, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं प्रबुद्धजनों का कथक नृत्यांगना, फिल्म प्रोड्यूसर  समाज सेविका और महिला सशक्तीकरण के लिए काम कर रही आरुषि पोखरियाल ने आभार व्यक्त किया।

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