बढ़ता जनसंख्या अनुपात और जातिवाद सनातन धर्म को विनाश की ओर धकेल रहा 

हरिद्वार। श्रीब्रह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधीर कौशिक के साथ जिला गाजियाबाद स्थित शिवशक्ति धाम डासना के अधिष्ठाता नरसिंहानन्द सरस्वती ,हिमाचल प्रदेश से आये दिव्यांग संत योगी ज्ञाननाथ, बाबा परमेन्द्र आर्य तथा अन्य संत व भक्तगणों कीष्धर्म जगाओ, अस्तित्व बचाओष् पदयात्रा तीसरे दिन प्रातः गौरी शंकर गौशाला आश्रम में बाबा हठयोगी महाराज, दक्षिण काली मंदिर में महामण्डलेश्वर कैलाशनन्द ,श्यामपुर कांगड़ी में स्वामी धर्मवीर सिरसौत वाले,स्वामी सुमित्रानन्द महाराज,बालाजी धाम में स्वामी प्रबोधानन्द गिरी तथा अन्य संतो की शरण में पहुँची। जहाँ पदयात्रियों ने अपनी पीड़ा संतो के सामने रखी। पदयात्रियों ने जूना अखाड़ा,मायादेवी मंदिर, आनन्द भैरवदेव मंदिर, निरंजनी अखाडा, सिद्धपीठ हनुमान मंदिर के भी दर्शन किये।
हर जगह यति नरसिंहानन्द सरस्वती ने संतो के चरणों में एक ही प्रार्थना रखी की संत समाज हिन्दू समाज और सनातन धर्म को बचाने के लिये आगे आये और एक नया इतिहास लिखे। हिन्दुओ के घटती हुए जनसँख्या अनुपात और बढ़ते हुए जातिवाद ने सनातन धर्म को विनाश की ओर धकेल दिया है। इन दोनों समस्याओं ने आज महामारी का रूप ले लिया है।ये हिन्दू समाज की आंतरिक समस्याएं हैं जिन्हे संत समाज ही खत्म कर सकता है।संत समाज की शक्ति अपार है परंतु कुछ ज्ञात अज्ञात कारणों से संत अपनी शक्ति को भूल कर धर्म रक्षा के प्रति निष्क्रिय हो गये हैं।धर्म रक्षा के क्षेत्र में संतो की निष्क्रियता सनातन धर्म के लिये बहुत अशुभ संकेत है। पदयात्रियों का अपनी गौरीशंकर गौशाला में स्वागत करते हुए हठयोगी कहा की इस समय सनातन धर्म को विराथु की जरूरत है।जैसे विराथु ने म्यांमार से जिहादी गन्दगी को साफ किया,अब वो ही कार्य यहाँ भी होना चाहिये।

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