निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल न करने पर तीन साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव 

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य के लिए विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी लोहाघाट विधानसभा से राजेन्द्र सिंह, लालकुआं विधानसभा से राजेन्द्र सिंह बिष्ट, भीमताल विधानसभा से सुहैल अहमद, हल्द्वानी विधानसभा से विनोद कुमार शर्मा, रामनगर विधानसभा से विजय व खटीमा विधानसभा से विनोद भट्ट को निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल करने में असफल रहने पर भारत निर्वाचन आयोग ने तीन वर्ष की अवधि के लिए निरर्हित घोषित किया है।
सचिव भारत निर्वाचन आयोग राहुल शर्मा द्वारा 7 फरवरी 2019 को निर्गत आदेश के अनुसार उत्तराखण्ड में हुए विधानसभा के साधारण निर्वाचन, 2017 में निर्वाचन लड़ने वाले उक्त अभ्यर्थी, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 तथा तद्धीन बनाये गये नियमों के तहत अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल करने में असफल रहे। सम्यक सूचना दिये जाने पर भी  इन अभ्यर्थियों ने इस असफलता के लिए कोई कारण अथवा स्पष्टीकरण नहीं दिया है। निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल न करने वाले अभ्यर्थियों को निर्वाचन आयोग अधिनियम की धारा 10 क के अनुसरण में उक्त अभ्यर्थियों को संसद के किसी भी सदन के या किसी राज्य, संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा अथवा विधान परिषद के सदस्य चुने जाने और होने के लिए इस आदेश की तारीख से तीन वर्ष की कालावधि के लिए एतद्द्वारा निरर्हित घोषित किया गया है।

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