देश-विदेश के श्रद्धालुआंे को मिले बेहतर सुविधाएंः खत्री 

-मंदिर समिति उपाध्यक्ष ने किया गौरामाई मंदिर का निरीक्षण
-मंदिर समिति के कर्मियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश
रुद्रप्रयाग। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री ने केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव गौरीमाई मंदिर के दर्शन करने के बाद आपदा से तबाह हुए गर्म कुंड, मंदिर परिसर, मंदिर समिति कार्यालय, मंदाकिनी घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के कर्मचारियों की बैठक लेते हुए व्यवस्थाओं को जुटाने को कहा। श्री खत्री ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जांय, जिससे वे यहां से अच्छा संदेश लेकर जांय।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री ने बुधवार को केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ आपदा से गौरीकुंड को भारी नुकसान पहुंचा। आपदा के अंश आज भी यहां देखने को मिल रहे हैं। आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान गौरीकुंड को हुआ और लोगों का रोजगार छिन्न गया। सरकार का प्रयास है कि इस स्थान को पुनः संवारा जाय और लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जाय। कहा कि आपदा के समय गौरीमाता मंदिर मलबे से ढक गया था और मंदिर परिसर, कार्यालय, धर्मशाला पूर्णतः ढह गई। मंदिर समिति का प्रयास है कि गौरीमाता मंदिर परिसर को पूर्व की तरह सजाया संवारा जाय और तथा यात्रियों के लिए पहले की तरह धर्मशाला एवं विश्रामगृह की सुविधा दी जाय। गौरीकुंड स्थित मंदिर समिति का भंडार गृह आपदा के समय बह गया था। भंडार कक्षों को यथास्थान बनाया जायेगा। वर्तमान में पुनर्जीवित हुए गर्म कुंड को पहले की तरह स्नान के योग्य बनाया जायेगा, इसके लिए समिति अपने स्तर से भी कार्य करेगी। श्री खत्री ने गौरीकुंड में मंदाकिनी घाट का भी निरीक्षण किया और घाट को सजाने संवारने पर चर्चा की। इस दौरान मंदिर समिति के उपाध्यक्ष स्थानीय जनों, हक-हकूक धारियों से मिले और गर्म कुंड में हो रहे स्थानीय भूमि विवाद को प्रशासन से आपसी सहमति से सुलझाने की अपील की। मंदिर समिति उपाध्यक्ष ने गौरीकुंड में मंदिर समिति कर्मचारियों की बैठक लेते हुए कहा कि कर्मचारियों के बेहतर व्यवहार से ही यात्री अच्छा संदेश लेकर जाते हैं। कर्मचारी सेवा सेवा भावना से कार्य करें और व्यवस्थाएं दुरुस्त करें। मीडिया प्रभारी डाॅ हरीश गौड़ ने बताया कि केदारनाथ भगवान की पंचमुखी चल विग्रह मूर्ति छः मई को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से प्रस्थान कर फाटा विश्राम करेगी। सात मई को डोली गौरीकुंड प्रवास करेगी और आठ मई को चलविग्रह डोली केदारनाथ पहुंचेगी। नौ मई को भगवान केदारनाथ के कपाट खोले जायेंगे। इस अवसर पर प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी, मठापति संपूर्णानंद, पुजारी लोकेश्वर जमलोकी, दिनेश मैठाणी, प्रधान राकेश गोस्वामी सहित मंदिर समिति कर्मचारी, स्थानीय जनता मौजू थी।

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