दिव्यांगता की चर्चा हमारे वेद पुराणों में भीः प्रो0 अवनीश चन्द्र मिश्रा

देहरादून। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन संशक्तिकरण संस्थान, देहरादून में शुक्रवार को भारतीय परिपेक्ष में दिव्यांगता विषय पर संगोष्ठी का शुभारम्भ प्रो. नचिकेता राउत निदेशक, प्रो अवनीश चन्द मिश्रा-विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग,डा0 शुकन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ, डा0 सुधारानी पाण्डेय पूर्व उपकुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार, डाॅ0 ममता सिंह-प्रवक्ता एमकेपी महाविद्यालय देहरादून ने संयुक्त रुप से किया।
संस्थान के संयोजक डा0विनोद केन ने पुष्पकली, तुलसी माला तथा पीत वस्त्र से सभी अतिथियों का स्वागत किया। संस्थान के निदेशक प्रोफे0नचिकेता राउत ने  आदिकाल से वेदशास्त्रों एवं पुराणो का सन्दर्भ प्रस्तुत करते हुए अष्टावक्र,धृतराष्ट्र, एकलव्य आदि की दिव्यांगता का दर्शन प्रस्तुत किया। वही इतिहासकार प्रो0 अवनीश चन्द मिश्रा-विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, डा0 शुकन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ ने विभिन्न सन्दर्भ के साथ इतिहास के दिव्यंाग पात्रो के जीवन से जोडकर प्राचीन महत्व से अवगत करवाया। संगोष्ठी से पूर्व संस्थान की विजीलेस अधिकारी डाॅ0गीतिका माथुर ने ईमानदारी विषय पर लिखे स्लोगनो के विजेताओ में प्रथम पुरुस्कार मोनिका लोधी,द्वितीय पुरुस्कार दीक्षा थपलियाल, तथा तृतीय पुरुस्कार प्रतिष्ठा भण्डारी को संस्थान के निदेशक प्रोफे0 नचिकेता राउत के करकमलो से प्रदान करवाया।श्
संस्थान के निदेशक प्रोफे0नचिकेता राउत ने संगोष्ठी के माध्यम से मंथनोपरान्त दिव्यांगजनो को भारतीय परिपेक्ष में विस्तृत ज्ञानार्जन होने के साथ साथ तदनुरुप चित्रकांन काय कार्य भी प्रतिभागियों से करवाया। आभार ज्ञापन स0कमलवीर सिंह जग्गी, तथा आर पी0सिंह ने किया। संगोष्ठी का संचालन संगोष्ठी योगेश अग्रवाल ने किया।  उपरोक्त जानकारी संस्थान के परामर्शक-जनसम्पर्क योगेश अग्रवाल ने दी।

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