डाबर ने किसानों को दिया औषधीय पौधों के संरक्षण, संग्रहण का प्रशिक्षण

-उत्तराखंड स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड के साथ-साथ 70 किसानों के लिए आयोजित किया गया वर्कशॉप
रुद्रपुर। पर्यावरण स्थिरता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर आगे बढ़ते हुए, भारत की अग्रणी विज्ञान आधारित आयुर्वेद कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने 70 किसानों को औषधीय जैव विविधता की खेती और संग्रहण का प्रशिक्षण देने के लिए जीवन्ती सेण्टर फॉर मेडिसिनल प्लान्टस रुद्रपुर उधम सिंह नगर  मे  मेगा वर्कशॉप आयोजित किया। प्रशिक्षण से संबंधित वर्कशॉप उत्तराखंड स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड (यूएसबीबी) और जर्मन कॉपरेशन ऑफ इंडिया (जीआईजेड) के सहयोग से उत्तराखंड के पंत नगर में डाबर के जीवंती ग्रीनहाउस में आयोजित किया गया।
किसानों को औषधीय पौधों की खेती करने हेतु प्रोत्साहित करने के अपने प्रोग्राम के तहत, वर्कशॉप में बेहतर खेती और औषधीय पौधों की चयनित प्रजाति के संग्रहण की महत्ता बताई गई। दुर्लभ श्रेणी में आने वाले औषधीय पौधों की प्रजातियों की वैज्ञानिक रूप से खेती और संग्रहण के लिए आवश्यक जैव विविधता अधिनियम, वन नियमन और अनुपालन के अंतर्गत आने वाले कई नियम और नियमन के आधार पर किसानों का क्षमता निर्माण किया गया।वर्कशॉप ने फसल के पंजीकरण और बेहतर गुणवत्ता और मात्रा के साथ सरकारी ईकाईयों और सप्लाई चेन मैनेजमेंट के साथ उत्पाद जैसे प्रमुख मुद्दों की महत्ता भी बताई। इस अवसर पर मि. एस एस रसाइली , सेक्रेटरी उत्तराखंड स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड , डॉ. एस बद्री नारायण, हेड, बायो-रिसर्च डिविजन एंड बायोडायवर्सिटी डेवलपमेंट, डाबर इंडिया लि. ने कहा, “हम औषधीय पौधों से संबंधित जैव विविधता, संरक्षण और संग्रहण पर आयोजित इस खघस वर्कशॉप का हिस्सा बनने से उत्साहित महसूस कर रहे हैं। प्रकृति और उससे प्राप्त सामग्रियों से जुड़े विविध उत्पाद बनाने वाली कंपनी होने के तौर पर, डाबर ने हमेशा से ही प्राकृतिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए व्यापार को संचालित करने के विचार को प्राथमिकता दी है। इस वर्कशॉप के माध्यम से हम दुर्लभ औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की खेती के माध्यम से होने वाली आय में बढ़ोतरी करवाने में मदद करने का लक्ष्य भी रखते हैं। इस अवसर पर डॉ सी एस सनवाल सेक्रेटरी उत्तराखंड स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड , डायरेक्टर हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट , डॉ कोहनहार्ड कंट्री हेड जी आई जेड, डॉ जेएलएन शास्त्री, डॉ बद्री नारायण डाबर इंडिया, उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों के किसान क्षेत्रीय वनाधिकारी क्षेत्रीय सप्लाई चेन पार्टनर और एनजीओ के लोग शामिल हुए।

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