गांव में तेरहवीं के भोज के बाद जहरीली शराब पीने से 4 दर्जन से अधिक लोगों की मौत, 60 की हालत गंभीर

हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 4 दर्जन से अधिक लोगों की मौत, 60 की हालत गंभीर
-सरकार ने दिए घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश,  13 आबकारी व 4 पुलिस अधिकारी निलंबित

हरिद्वार/देहरादून। हरिद्वार जनपद अंतर्गत भगवानपुर के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 4 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि गांव में अवैध रूप से निकाली जाने वाली कच्ची शराब पीने से ग्रामीणों की मौत हुई है। इस मामले में सरकार ने  13  आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले में एसएसपी ने  एसओ, चैकी प्रभारी व 2 बीट अधिकारी निलंम्बित कर दिया ।

जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को बाल्लुपुर गांव में किसी की तेरहवीं थी। खाना खाने के बाद यहां से लौटते समय 100 से अधिक ग्रामीणों ने गांव से कच्ची शराब खरीदी थी। बताया जा रहा है कि तेरहवीं से जाने के बाद शराब पीने से लोगों की हालत बिगड़ने लगी। शुक्रवार सुबह झबरेड़ा और भगवानपुर क्षेत्र के छह गांवों में मौत का कहर टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि बिंडुखड़क, बाल्लुपुर, भलस्वागाज, जहाजगढ़, नन्हेड़ा, अनंतपुर, चूड़ियाला, माणकपुर गांवों के लोगों को सीने में तेज दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद उनकी मौत हो गई।

 जहरीली शराब पीने से मरने वालों में 40 साल से 55 साल उम्र तक के ग्रामीण शामिल हैं। मृतकों में राजकुमार (35 वर्ष) पुत्र राजपाल, विश्वास 30 वर्ष) पुत्र रतिराम, जसवीर (45 वर्ष) पुत्र सिताब, चरण सिंह पुत्र मुल्तान, धनीराम (57 वर्ष), संजय (46 वर्ष) पुत्र मामराज, धनीराम (45) पुत्र जवाहर, मांगे राम (40 वर्ष) पुत्र बलजीत, ज्ञान सिंह (56 साल) पुत्र जीराम,  सोराज (40 पुत्र) सुमेर सिंह, चंद्र (50 वर्ष) पुत्र मेहर सिंह, ध्यान सिंह (30 पुत्र) हरपाल, नरेश (48) व जाहरू (50) पुत्र सिमर शामिल हैं। ये ग्रामीण ग्राम बालूपुर, बिंदु, जहाजगढ़, तेजजूपुर, भलस्वागाज आदि के रहने वाले हैं। जबकि 60 लोग आस पास के निजी अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मौके पर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम भेजी गई है। बाल्लूपुर, जहाजगढ़, भलस्वागाज, बिंडू व खड़क गांव में वीरवार शाम जहरीली कच्ची शराब से पीने वालों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस व प्रशासनिक अमला गांवों में जुटने पर ग्रामीणों में यह अफवाह फैल गई कि शराब बनाने और बेचने वालों के साथ-साथ पीने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद बाल्लूपुर गांव में दो शवों का बिना पोस्टमार्टम ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। आनन-फानन में अंतिम संस्कार की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, मगर तब तक अंतिम संस्कार किया जा चुका था। 12 शवों को रुड़की सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। 

इस मामले में प्रमुख सचिव सचिव आनंद वर्धन ने आबकारी निरीक्षक समेत 13 लोगों को निलंबित कर दिया। सभी को मुख्यालय ज्वाइन करने के आदेश तत्काल दिये गए हैं। चेकिंग, प्रवर्तन के मामले में सभी लापरवाह पाए गए। निलंबित किए गए कर्मियों में आबकारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही महेश चंद्र पंत, जगमोहन सेठी, अजब सिंह, आबकारी सिपाही प्रमिल कुमार, अनुरानी, सृष्ठि यादव, आबकारी निरीक्षक दर्शन सिंह, उप आबकारी निरीक्षक लाखीराम सकलानी, प्रधान आबकारी सिपाही विनोद सिंह, आबकारी सिपाही प्रमोद कुमार, अंजू गिरी, पूजा देवी शामिल हैं।
CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि घायलों के उपचार के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं है। घटना में बीमार लोगों के उपचार व उनकी जान बचाने के सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अवैध शराब के सेवन से हुई दुर्घटना में मृतकों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। इस घटना को हृदय विदारक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने इसमें बीमार लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
 इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सूचना पर डीएम दीपक रावत, एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी मौके पर पहुंचे। और मृतक के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली है। उन्होंने मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा हैं कि जिलाधिकारी दीपक रावत को गांव के कुछ लोगों ने बताया कि कच्ची शराब का उत्पादन गांव में ही हो रहा है, इसी शराब के पीने से ग्रामीणों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कच्ची शराब पीने के बाद रात में मौत का सिलसिला शुरू हो गया था, जो सुबह तक जारी रहा। डीएम दीपक रावत ने ग्रामीणों से यह जानने की कोशिश की कि जो गांव में कच्ची शराब का उत्पादन हो रहा है। इस संबंध् में उनके द्वारा क्या कभी थाना व चैकी पुलिस को शिकायत की गयी थी? क्या आबकारी विभाग को भी कभी सूचना दी गई है या नहीं? यदि दी गई है तो क्या कार्रवाई हुई है। बताया जा रहा हैं कि मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रोफेसर नरेंद्र सिंह, भाजपा नेता सुबोध् राकेश, विधायक ममता राकेश क्षेत्र के अन्य तमाम नेताओं ने गांव में पहुंचकर घटना पर दुख जताया और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी है। नेताओं ने भरोसा दिलाया कि उन्हें हर स्तर पर मदद की जाएगी। डीएम दीपक रावत ने घटना मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिये है और जांच का जिम्मा अपर जिलाधिकारी वित्त एसवं राजस्व को साौपा गया है।

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