जहरीली शराब कांड को लेकर सदन में जमकर हंगामा, विपक्ष ने किया वाॅकआउट 

-नेता प्रतिपक्ष ने सदन में राज्यपाल का अभिभाषण 11 बजे से पहले शुरु किए जाने पर आपत्ति जताई 

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने सदन में हरिद्वार जिले में हुए जहरीली शराब कांड को लेकर सदन में जमकर हंगामा किया। विपक्ष के विधायकों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां उठाई हुई थीं। वहीं, विपक्ष ने राज्यपाल का अभिभाषण 11 बजे से पहले शुरु कराए जाने पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। विपक्ष का कहना था कि सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 से शुरु होना निश्चित था लेकिन राज्यपाल का अभिभाषण 10.55 बजे ही शुरु करा दिया गया। विपक्ष का कहना था कि यह सदन की परंपरा और नियमों का उल्लंघन है। विपक्ष ने वेल मेें आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान राज्यपाल से सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर डाली। जब राज्यपाल ने विपक्ष के हंगामे के बीच अपना अभिभाषण जारी रखा तो विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।  राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल 10.51 बजे सदन में पीठ पर पहुंचे। राष्ट्रगान के पश्चात 10.55 बजे राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सदन में अभिभाषण शुरु कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान पांच मिनट तक यानी 11 बजे तक विपक्ष शांत रहा, उसके पश्चात विपक्ष ने हमांगा शुरु कर दिया। विपक्षी सदस्य जहरीली शराब कांड में सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए वेल पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश ने सवाल उठाया कि 11 बजे से पहले राज्यपाल का अभिभाषण कैसे शुरू हुआ। उन्होंने इसे सदन की परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया। जब विपक्ष के हंगामे के बाद भी राज्यपाल ने अभिभाषण जारी रखा तो विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार कर सदन से वॉकआउट कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने अपरान्ह तीन बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। अपरान्ह तीन बजे फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा। जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।  सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राज्यपाल बनने के बाद पहली बार सदन में अभिभाषण किया। अभिभाषण में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के आर्थिक विकास में उद्योग क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। भारतीय सेना एवम अर्धसैनिक बलों के शहीद सैनिकों के आश्रितो को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जनसामान्य की सुविधा के लिए वेबसाइट बनाई गई। राज्य के नियोजित विकास के लिए विजन 2030 तैयार किया गया है। कोषागार के माध्यम से किए जाने वाले सभी लेन-देन आॅनलाइन कर प्रदेश की भौगौलिक परिस्थितिया को देखते हुए राज्य में ई स्टांप योजना लागू की गई है। कोषागार पोर्टल की सहायता से सभी आहरण-वितरण अधिकारी विभागध्यक्ष शासन के प्रशासनिक विभागों द्वारा अपने विभाग से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने एवं समस्त कार्मिकों और पेंशनरों द्वारा अपने से संबंधित सूचनाएं डाउनलोड किए जाने की व्यवस्था तैयार की गई है। जीएसटी की परिधि से बाहर रखे वस्तुओं पेट्रोल, डीजल, एटीएफ एवं नेचुरल गैस और मदिरा उत्पादों पर एक हजार दो सौ बारह करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। स्थानीय उत्पादों रिंगाल, रामबाण पर आधारित उत्पादों पर कर की दर 18 प्रतिशत से कम करते हुए 5 प्रतिशत की गई है। गुड़ को कर मुक्त श्रेणी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है। पंजीकृत व्यापारियों की मृत्यु की दशा में मृतक आश्रित को तत्कालिक आर्थिक सहायता के रूप में पांच लाख रूपये भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। पहली बार अभिभाषण के लिए विधानसभा पहुंची राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कांग्रेस विधायक सदन से बहिर्गमन करने के बाद बाहर विधानसभा की सीढ़ियों पर धरने पर बैठे।

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खांसी न रूक पाने के कारण राज्यपाल नहीं पढ़ पाई पूरा अभिभाषण

देहरादून। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य अभिभाषण के दौरान खांसी न रूक पाने के कारण अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ पाईं। जब उन्हें खांसी शुरु हुई तो रूक नहीं पाई। उन्हें लगातार खांसी होती रही। काफी देर तक वे खांसी के बीच ही अभिभाषण पढ़ती रहीं, उन्होंने दो-तीन बार पानी भी पिया लेकिन जब खांसी नहीं रूक पाई तो सचिव व उनके परिसाहय ने उन्हंे सलाह दी कि अभिभाषण का अंतिम पेज पढ़कर इसे समाप्त कर दें। फिर राज्यपाल ने अभिभाषण के अंतिम पेज पढ़कर औपचारिकता पूरी की। 10.55 बजे राज्यपाल ने अभिभाषण शुरु किया, विपक्ष के हंगामे के बीच उन्होंने अपना अभिभाषण जारी रखा। विपक्ष के सदन से बहिर्गमन करने के कुछ देर बाद राज्यपाल को खांसी शुरु हुई जो कि फिर लगातार होती रही। राज्यपाल ने जब अभिभाषण का अंतिम पेज पढ़कर औपचारिका पूरी की तो स्पीकर ने सदन अपरान्ह तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन सदन की कार्यवाही शुरु होने के बाद स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण का पाठ किया।

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क्यों शुरु हुआ 11 बजे से पहले राज्यपाल का अभिभाषण

देहरादून। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के जल्दी विधानसभा पहुंचने से प्रोटोकाॅल का संकट खड़ा हो गया। विधानसभा में राज्यपाल के ठहरने के लिए कोई आॅफिस या स्थान नहीं है। प्रोटोकाॅल में राज्यपाल राज्य में सरकार में सबसे शीर्ष स्थान पर है। ऐसे में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के जल्दी पहुंचने पर उन्हें विधानसभा में किस कक्ष में ठहराया जाता ? विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के कक्ष में राज्यपाल को ठहराया नहीं जा सकता था। ऐसे में 11 बजे से पहले ही राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ना शुरु कर दिया।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से हर वर्ष ठीक पूर्वाह्न 11 बजे से राज्यपाल का अभिभाषण होता आया है, लेकिन इस बार राज्यपाल बेबी रानी मौर्य समय से पहले विधानसभा पहुंच गई। इसके चलते सदन में 11 बजने से करीब पांच मिनट पहले राज्यपाल का अभिभाषण शुरु हो गया। विपक्ष ने इसको लेकर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा ह्रदयेश ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन बताया। उनका कहना था कि सरकार ने संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ते हुए समय से पहले सत्र की कार्यवाही शुरु कर दी। वहीं, इस बारे में संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत का कहना है राज्यपाल का अभिभाषण सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होता। राज्यपाल का अभिभाषण महज सेरोमोनियल कार्यक्रम था। ऐसे में अभिभाषण के लिए समय सीमा तय करना ठीक नहीं है।

 

 

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