गैरसैंण में पूर्व सीएम हरीश रावत समर्थकों के साथ रहे उपवास पर

गैरसैंण। भाजपा सरकार द्वारा गैरसैंण की उपेक्षा और गैरसेैंण में विधानसभा सत्र न कराने के मुद्दे पर कांग्रेस व सरकार आमने सामने है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज गैरसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन न कराने के मुद्दे पर रामलीला मैदान में अपने हजारों समर्थकों और पूर्व विधायकों के साथ एक दिवसीय सांकेतिक उपवास किया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने गैरसैंण में राजधानी के विकास के लिए कोई भी काम नहंीं कराया है उनका कहना है कि गैरसैंण में सर्दी अधिक होने का हवाला देकर यहंा सत्र का आयोजन न कराया जाना पहाड़ के लोगों का अपमान है। उनका कहना है कि हमारे बुजूर्गवार जब सर्दी में रह सकते है तो हमें चार छह दिन भी पहाड़ पर रहने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। आज सुबह गैरसैंण पहुंचे हरीश रावत के साथ मनीष खण्डूरी भी थे। हरीश रावत ने पहले राज्य आंदोलन में शहीदों को श्रद्धाजंलि दी और उसके बाद वह उपवास पर बैठ गये। उधर उनके समर्थकों द्वारा इस अवसर पर एक विशाल रैली भी निकाली गयी। इन सभी का कहना है कि सरकार राजधानी गैरसैंण पर अपना रूख साफ करे कि वह चाहती क्या है। उन्होने कहा कि गैरसैंण को शीघ्र ही स्थायी राजधानी घोषित किया जाये। इस दौरान उनके उपवास में कांग्रेस के कई पूर्व विधायक व मंत्री भी शामिल हुए। हरीश रावत आज शाम ही गैरसैंण से देहरादून आ जायेगें। कल वह विधानसभा के सामने गैरसैंण और गन्ना किसानों व खाघान्न भुगतान के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ उपवास पर बैठेंगे।

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